Raipur Drug Raid: रायपुर में पुलिस ने लॉजिस्टिक गोदाम और मकान पर छापा मारकर ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया।
Raipur Drug Raid: रायपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में युवाओं को नशे के जाल में फंसाने वाले ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसीपी स्तर के अफसरों की टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए गुमा गांव स्थित एक लॉजिस्टिक गोदाम और कबीर नगर इलाके के एक मकान पर छापा मारा।
इस कार्रवाई में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने पूरी योजना के तहत रात में घेराबंदी कर रेड की, ताकि कोई भी आरोपी फरार न हो सके। दरअसल, पुलिस को काफी समय से इनपुट मिल रहे थे कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक गोदाम का इस्तेमाल ड्रग्स की सप्लाई चेन के रूप में किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई है, जिसकी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस नेटवर्क के तार सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। पकड़े गए संदिग्धों में से एक को मुख्य सप्लायर का करीबी बताया जा रहा है और उसका पूर्व में भी ड्रग्स तस्करी से जुड़ा रिकॉर्ड सामने आया है। इससे पहले तेलीबांधा क्षेत्र में भी पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो राजधानी में ड्रग्स की सप्लाई कर रहे थे।
जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी दिल्ली में बैठे तस्करों के निर्देश पर काम करते थे। पहचान छिपाने के लिए वे लोकेशन आधारित चैटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे और सप्लाई देने के बाद तुरंत ठिकाना बदल लेते थे। पुलिस को इन्हीं आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कबीर नगर और गोदाम में दबिश देने में सफलता मिली।
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में ड्रग्स तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, खासकर शहरी क्षेत्रों में युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहर भी अब इस नेटवर्क की चपेट में आ रहे हैं। तस्कर आधुनिक तकनीक और लॉजिस्टिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अब इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन और इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन को मजबूत किया है, जिससे ऐसे संगठित गिरोहों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।