
देश में शहरों को स्वच्छता के नए मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है। प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमलीइम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) की 51वीं बैठक में 29 सितंबर को प्रगति-50 (PRAGATI-50) कार्यक्रम लॉन्च किया गया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर को शामिल किया गया है। सीएम विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग तथा दोनों निकायों के अधिकारियों एवं स्वच्छता मित्रों को बधाई दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के निर्देशों पर शुरू की गई यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 24 राज्यों के 50 चुनिंदा शहरों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में मॉडल सिटी (आदर्श शहर) के रूप में विकसित करना है। प्रगति 50 के तहत रायपुर, बिलासपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, दिल्ली, मुंबई, सूरत, गुरुग्राम, जम्मू, बेंगलूरु, अहमदाबाद, फरीदाबाद, शिमला आदि शहरों को कचरा मुक्त-धूल मुक्त किया जाएगा।
स्वच्छता के क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता को बढ़ावा देने प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को प्रारंभिक स्तर पर 20 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। आईआईटी कानपुर की सहभागिता व सहयोग के साथ स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण, सर्कुलर इकोनॉमी एवं तकनीकी नवाचार से जुड़े नए उद्यमों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। निर्धारित संकेतकों के आधार पर शहरों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्यमंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में 29 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना का शुभारंभ किया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू नई दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए। शुभारंभ कार्यक्रम में चयनित राज्यों के नगरीय विकास विभागों, शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने सहभागिता की। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव से कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। रायपुर की महापौर मीनल चौबे और बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी तथा दोनों नगर निगमों के आयुक्त भी कार्यक्रम में ऑनलाइन सम्मिलित हुए।
बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और डिप्टी सीएम व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार नगरीय निकायों में स्वच्छता, जनसुविधाओं के विस्तार, प्रभावी कचरा प्रबंधन और बेहतर सेवा-प्रदाय के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। प्रगति-50 के लिए रायपुर और बिलासपुर का चयन इन कोशिशों का परिणाम है। इसमें दोनों नगर निगमों की सक्रिय भूमिका, स्वच्छता मित्रों की मेहनत और नागरिकों का सहयोग भी शामिल है।