
BSc Nursing Counselling: प्रदेश में बीएससी समेत अन्य नर्सिंग कोर्स में एडमिशन शुरू होने वाला है। ऐसे में छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल ने निजी कॉलेजों से सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट मांगा है। यह सर्टिफिकेट इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) जारी करता है। कॉलेजों को एक सप्ताह में यह सर्टिफिकेट काउंसिल कार्यालय में जमा करना है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो निजी कॉलेज 7 नोटिस के बाद भी सर्टिफिकेट जमा नहीं कर पाए, क्या अब करेंगे? कर्मचारी चयन मंडल ने बीएससी नर्सिंग इंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है।
अब चिकित्सा शिक्षा विभाग कभी भी काउंसलिंग शुरू कर सकता है। संचालनालय ने 24 जुलाई तक सभी नर्सिंग कॉलेजों से काउंसलिंग में शामिल होने के लिए आवेदन मंगाया था। यह मियाद पूरी हो चुकी है। जब काउंसलिंग होने वाली है, तब काउंसिल सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट मांग रहा है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि 25 से ज्यादा निजी कॉलेजों के पास उपयुक्तता प्रमाणपत्र नहीं है, लेकिन पिछले साल मान्यता दी गई है और एडमिशन भी हुआ है। इस साल भी ऐसा ही होने की संभावना है।
पिछले साल प्रदेश में 10 परसेंटाइल से एडमिशन के बावजूद बीएससी नर्सिंग की 2329 सीटें लैप्स हो गईं थीं। 5422 सीटों पर प्रवेश हुआ। जबकि कुल सीटें 7751 हैं। एडमिशन की आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी। राज्य शासन ने खाली सीटों को देखते हुए व्यापमं के इंट्रेंस एग्जाम में 10 परसेंटाइल अंक लाने वालों को प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके बाद भी 30 फीसदी सीटें लैप्स हो गईं। चार राउंड के बाद प्रदेश में 57 फीसदी सीटें खाली थीं, जिसे 10 परसेंटाइल से भरने की अनुमति दी गई। इसमें केवल 37 फीसदी सीटें ही पैक हो पाई।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब निजी कॉलेजों के पास सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट नहीं है तो सत्र 2025-26 के लिए मान्यता क्यों दी गई? एडमिशन क्यों कराया गया? अगर निजी कॉलेज आईएनसी के मापदंडों को पूरा नहीं करता तो उन्हें सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। ऐसे में क्या वहां हुए एडमिशन को रद्द किया जाएगा। ऐसे में तो छात्रों का एक साल बर्बाद होने की आशंका है। हालांकि इसकी आशंका नहीं के बराबर है। अब तक काउंसिल ने किसी कॉलेज की मान्यता रद्द की हो और छात्रों को दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया गया हो।
काउंसिल के रजिस्ट्रार ने फरवरी में जारी आदेश में कहा था कि जिन कॉलेजों को सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट नहीं मिला है, वे गजट नोटिफिकेशन के अनुसार छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल से मान्यता के 6 माह के भीतर आईएनसी से सर्टिफिकेट ले लें। यह अनिवार्य होगा। इस संबंध में काउंसिल की सत्र 2025-26 के मान्यता आदेश में स्पष्ट उल्लेख भी किया गया है।