
Raipur E-Rickshaw: छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में चलने वाले ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने और ड्राइविंग सीट के पास यात्रियों को बैठाकर चलाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे वाहन के संतुलन बिगड़ने और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। गुरुवार को भी ड्राइविंग सीट के पास बैठे एक युवक की चलते ई-रिक्शा से गिरने के बाद मौत हो गई। इससे पहले भी शहर में ई-रिक्शा के अनियंत्रित होकर पलटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में कई लोग घायल हुए हैं। बावजूद इसके, ओवरलोडिंग और लापरवाही का सिलसिला लगातार जारी है।
बजरंग नगर निवासी विकास मिश्रा गुरुवार को ई-रिक्शा से सफर कर रहे थे। बताया गया कि चालक ने उन्हें अपनी सीट के पास बैठाया था। इसके बाद ई-रिक्शा तेज रफ्तार में चलाया जा रहा था। वाहन के अनियंत्रित होने से विकास चलते ई-रिक्शा से सिर के बल गिर गए। गंभीर चोट लगने के बाद उनकी मौत हो गई।
ई-रिक्शा वजन में काफी हल्के होते हैं। ऐसे में सीट क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने पर वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। लंबे आकार वाले ई-रिक्शा में ओवरलोडिंग की स्थिति में जोखिम और बढ़ सकता है। शहर में पहले भी ई-रिक्शा के अनियंत्रित होकर पलटने की घटनाएं सामने आई हैं।
करीब दो महीने पहले आमापारा चौक के पास तेज रफ्तार के कारण एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में कई सवारियां घायल हुई थीं। वहीं, इससे पहले शंकर नगर में भी एक ई-रिक्शा राह चलती महिला के ऊपर पलट गया था।
वर्तमान में रायपुर शहर में अलग-अलग कंपनियों के करीब 18 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। बड़ी संख्या में ई-रिक्शा होने के कारण कुछ प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी सामने आती है। वहीं, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले ई-रिक्शा सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का कारण बन रहे हैं।
ई-रिक्शा के साथ सवारी ऑटो में भी क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कई बार चालक की ड्राइविंग सीट के पास भी सवारी बैठा दी जाती है। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। नियमों के विपरीत चलने वाले ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
रायपुर ट्रैफिक पुलिस की डीसीपी अर्चना झा ने कहा कि ई-रिक्शा में जितनी सीट निर्धारित है, उतनी ही सवारी बैठाई जानी चाहिए। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती है और आईटीएमएस के जरिए भी कार्रवाई की जा रही है। ई-रिक्शा और सवारी ऑटो चालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है।
रायपुर ऑटो महासंघ के अध्यक्ष कमल पांडेय का कहना है कि नियम-कायदों के विपरीत चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है और इन्हें नियंत्रित करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर ई-रिक्शा कुछ गिने-चुने मार्गों पर ही चलते हैं।