छत्तीसगढ़ के लिए एक अच्छी खबर है कि WHO द्वारा जारी रिपोर्ट में दुनिया के प्रदूषित शहरों की सूची में रायपुर सहित राज्य का कोई शहर शामिल नहीं है।
रायपुर . छत्तीसगढ़ के लिए एक अच्छी खबर है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी रिपोर्ट में दुनिया के 14 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में रायपुर सहित राज्य का कोई शहर शामिल नहीं है। जबकि दुनिया के सबसे प्रदूषित 15 शहरों में 14 भारत के हैं।
राज्य की राजधानी रायपुर इस सूची में न केवल शामिल नहीं है, बल्कि रायपुर के प्रदूषण का स्तर इन शहरों की तुलना में काफी कम पाया गया है। मालूम हो कि वर्ष 2012 में डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रदूषित शहरों की सूची में रायपुर तीसरे स्थान पर और वर्ष 2016 में सातवें स्थान पर था।
आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अमन कुमार सिंह ने कहा है कि प्रदेश में ठोस कार्य योजना बनाकर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के समन्वित प्रयासों के अच्छे परिणाम मिले हैं।
यह रिपोर्ट 2.5 पीएम (फाइल पर्टिकुलेट मैटर) को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण पर 100 देशों के 4000 शहरों में रिसर्च के आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार पहले नम्बर पर कानपुर शहर 193 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर एवं छठवें नम्बर पर दिल्ली 143 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है।
सूची में अंतिम स्थान पर कुवैत का अली सुबाह अल सलीम 94 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है, रायपुर शहर की वायु गुणवत्ता में 2.5 पीएम का वार्षिक औसत वर्ष 2016 में 37.13 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, वर्ष 2017 में 33.55 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर एवं वर्ष 2018 में माह अप्रैल तक का औसत 34.65 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा है।
रायपुर की वायु गुणवत्ता बेहतर
विभाग के प्रमुख सचिव सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ शासन प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसार प्रदूषण के चार प्रमुख कारणों उद्योगों, वाहनों, निर्माण गतिविधियों एवं बायोमास को जलाने से हो रहे प्रदूषण को कम करने में सक्रियता से कार्य कर रहा है और इसीलिए रायपुर की वायु गुणवत्ता बेहतर हुई है।