
आत्मसमर्पित 95 नक्सलियों को 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि (Photo AI Image)
Bastar Naxal update: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के 95 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने, सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करने और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी जा रही है। सरकार का मानना है कि हथियार छोड़कर शांति का रास्ता अपनाने वाले लोगों को आर्थिक और सामाजिक सहयोग देकर न केवल उनका पुनर्वास किया जा सकता है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास का वातावरण भी तैयार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुरुआत से ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास और पुनर्वास पर विशेष जोर दिया है। सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि उन लोगों को भी नई जिंदगी का अवसर देना है, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि विकास, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है। इसी सोच के अनुरूप पुनर्वास नीति को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य नागरिक के रूप में जीवन जीने का अवसर मिलता है। सरकार का मानना है कि यदि आत्मसमर्पण करने वालों को मजबूत आर्थिक और सामाजिक आधार मिलेगा तो अन्य नक्सली भी हिंसा छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।
बीजापुर सहित बस्तर संभाग के कई जिलों में पिछले कुछ समय से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई, विकास कार्यों के विस्तार और पुनर्वास योजनाओं के प्रभाव से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक माहौल बन रहा है। सरकार का कहना है कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से बस्तर में शांति और विकास को नई गति मिल रही है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना का अवसर देकर राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी रूप से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
Updated on:
04 Aug 2026 06:29 pm
Published on:
04 Aug 2026 06:29 pm
