रायपुर

न OTP दिया, न ऑनलाइन शॉपिंग की, फिर भी रायपुर में SBI क्रेडिट कार्ड से निकल गए 1.96 लाख रुपए

Credit Card Scam: रायपुर के नवा रायपुर में पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी के SBI क्रेडिट कार्ड से 39 मिनट में पांच ट्रांजेक्शन कर 1.96 लाख रुपये निकाल लिए गए।
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Updated: 7 Nov 2026, 1:22 PM IST
SBI Credit Card Fraud
SBI क्रेडिट कार्ड से निकल गए 1.96 लाख रुपये (Photo Source- Patrika File Photo)

SBI Credit Card Fraud: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने अब बैंक खातों के साथ क्रेडिट कार्ड को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। नवा रायपुर में पशु चिकित्सा विभाग के एक कर्मचारी के एसबीआई क्रेडिट कार्ड से महज 39 मिनट के भीतर पांच बार ट्रांजेक्शन कर 1 लाख 96 हजार 286 रुपये निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को इन ट्रांजेक्शन की भनक तक नहीं लगी। ठगों ने एक बार में पूरी रकम निकालने के बजाय अलग-अलग पांच ट्रांजेक्शन किए। जब तक पीड़ित को इसकी जानकारी मिली, तब तक कार्ड से बड़ी रकम निकल चुकी थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद राखी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Online Transaction Fraud: नवा रायपुर के सेक्टर-27 का मामला

यह पूरा मामला नवा रायपुर के राखी थाना क्षेत्र के सेक्टर-27 का है। यहां रहने वाले पावेश कंवर (28) इंद्रावती भवन स्थित संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर 2026 को उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड से लगातार पांच बार ट्रांजेक्शन हुए। ये सभी लेनदेन शाम 5:20 बजे से 5:59 बजे के बीच किए गए। यानी महज 39 मिनट में साइबर ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से 1.96 लाख रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो इन ट्रांजेक्शन की अनुमति दी थी और न ही इस दौरान खुद कोई ऑनलाइन खरीदारी की थी।

एक के बाद एक पांच ट्रांजेक्शन, ऐसे निकाले पैसे

साइबर अपराधियों ने क्रेडिट कार्ड से रकम निकालने के लिए पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। हर बार अलग राशि का भुगतान किया गया। जानकारी के अनुसार, सबसे पहले शाम 5:20 बजे करीब 6 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ। इसके बाद 41,049 रुपये, फिर 37,309 रुपये और एक बार फिर 37,309 रुपये निकाले गए। आखिर में सबसे बड़ी रकम 74,619 रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। इस तरह पांचों लेनदेन के जरिए कुल 1 लाख 96 हजार 286 रुपये निकाल लिए गए।

ट्रांजेक्शन निकाली गई रकम
पहला 6,000 रुपये
दूसरा 41,049 रुपये
तीसरा 37,309 रुपये
चौथा 37,309 रुपये
पांचवां 74,619 रुपये
कुल 1,96,286 रुपये

न OTP आया, न ऑनलाइन खरीदारी की, फिर भी निकल गए पैसे

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित को ट्रांजेक्शन के दौरान किसी तरह के ओटीपी की जानकारी नहीं मिली। न ही उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड से कोई ऑनलाइन भुगतान किया था। जब उन्हें लेनदेन की जानकारी मिली, तब तक पांचों ट्रांजेक्शन पूरे हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस को मामले की सूचना दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग कर ठगी की गई है। हालांकि, कार्ड की डिटेल साइबर अपराधियों तक किस माध्यम से पहुंची, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

फिशिंग लिंक या डेटा लीक से कार्ड की जानकारी पहुंचने की आशंका

साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। आशंका है कि क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट या डेटा लीक के जरिए ठगों तक पहुंची हो सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अपराधियों ने कार्ड की जानकारी किस तरीके से हासिल की। पुलिस पांचों ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम किन खातों या भुगतान माध्यमों तक पहुंची।

चार मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस

पीड़ित की शिकायत में चार मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस इन नंबरों के उपयोगकर्ताओं और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से डिजिटल ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस और मर्चेंट डिटेल खंगाली जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी किस तरह हासिल की गई और ठगी की रकम कहां ट्रांसफर हुई। फिलहाल राखी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ कार्ड नंबर, CVV और OTP साझा न करें। बैंक के नाम से आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान करते समय वेबसाइट की विश्वसनीयता जरूर जांचें। बैंक से आने वाले ट्रांजेक्शन अलर्ट पर नजर रखें और किसी भी अनजान लेनदेन की जानकारी मिलते ही तुरंत कार्ड ब्लॉक करवाकर बैंक और साइबर पुलिस को शिकायत करें।

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7 Nov 2026, 1:22 PM IST
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