Raipur Commissioner: 23 जनवरी से राज्य में पुलिसिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कमिश्नरेट व्यवस्था को लेकर तैयार मसौदे पर राज्य पुलिस, गृह विभाग और विधि विशेषज्ञों से सलाह ली गई है।
Raipur Commissioner: 23 जनवरी से राजधानी रायपुर में पुलिसिंग की नई व्यवस्था लागू करने के लिए राज्य सरकार तैयारियों में लगी है। कमिश्नरी सिस्टम लागू होने और कमिश्नर कौन बनेगा सरकार इसकी घोषणा जल्द करेगी करेगी। राज्य पुलिस, गृहविभाग और विधि विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद मसौदा तैयार किया गया है। साथ ही पिछले काफी समय से चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए कमिश्नर (सीपी) और सहायक कमिश्नर (एसीपी) का नाम तय किया गया है।
9 दिनों बाद नया सिस्टम को शुरू किया जाना है। इसे देखते हुए करीब 15 आईपीएस अफसरों के नाम सीपी और एपीसी के लिए विचार किया गया। इस दौरान तीन नाम तय किए गए है। इसमें एक सीपी और दो एसीपी शामिल हैं। हालांकि इसे तय करने में काफी मशक्त करनी पड़ी। पुलिस मुख्यालय के साथ ही जनप्रतिनिधियों के सुज्ञाव के आधार पर इसे फाइनल किया गया है।
बता दें कि नए कमिश्नरी के लिए इसके लिए दो प्रस्तावित प्लान बनाए गए है। इसमें पहले प्लान में जिले के 32 थानों में लागू करने और दूसरे में शहर के 22 थानों में लागू किए पर रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें रेंज के विभाजन, पुलिसिंग, थानों की संख्या, क्षेत्राधिकार, न्यायिक अधिकार, संसाधन, बजट और पूरे सिस्टम का सेटअप जारी होगा।
कमिश्नर के पदभार ग्रहण करने के बाद संसाधन और बल की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। इस संबंध में पीएचक्यू से सभी जिलों में उपलब्ध बल, रिजर्व फोर्स, प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों की जानकारी मांगी गई है। इसके आधार पर पुलिस थानों, ट्रैफिक, बंदी सुरक्षा और पुलिस लाइंस में रिजर्व बल की संख्या को तय किया जाएगा। बता दें कि इस समय रायपुर जिले में 3900 का बल और करीब रक्षित केंद्र में 800 रिजर्व बल है। उक्त सभी को जरूरत के अनुसार ड्यूटी पर तैनात किया जाता है।
प्रस्तावित कमिश्नरी में विधानसभा, मंत्रालय, एचओडी भवन, पीएचक्यू, तमाम केंद्रीय कार्यालय और फोर्स के मुख्यालय हैं। वीवीआईपी के आगमन पर एयरपोर्ट से लेकर नवा रायपुर तक सुरक्षा के लिए दूसरे जिलों से बल मंगवाना पड़ता था। इसे देखते हुए नवा रायपुर को कमिश्नरी में शामिल किया गया है। इसकी घोषणा अलग से होगी।
Raipur Commissioner: बताया जाता है कि कमिश्नरी का रेंज को सीमित दायरे में करने पर सुरक्षा और तकनीकी समस्या को देखते हुए फिलहाल होल्ड में रखा गया है। सीएम विष्णु देव साय की स्वीकृति मिलते ही अधिकारिक रूप से घोषणा की जाएगी। हालांकि राज्य पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि एक ही जिले में आईपीएस स्तर के दो समकक्ष अधिकारियों को बिठाने पर विभिन्न तरह की समस्या आएगी।
रायपुर जिले में कमिश्नरी सिस्टम लागू होते ही रेंज का विभाजन किया जाएगा। इसमें रायपुर जिले को छोडक़र धमतरी, गारियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार जिला को मिलाकर नया रेंज बनाया जाएगा। इसमें कमिश्नर को रायपुर और आईजी को रेंज के अन्य जिलों के जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।