
Gas Scam: घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं को कम गैस मिलने की शिकायतों के बीच डोंगरगढ़ के आदर्श नगर वार्ड क्रमांक 20 में कथित गैस चोरी का मामला सामने आया है। इंडियन गैस एजेंसी के चार डिलीवरी कर्मचारियों पर सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरने का आरोप लगा है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे पुरानी आरा मशीन के सामने खाली मैदान में हुई इस गतिविधि का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। प्रशासनिक अमले की जांच में एक सिलेंडर में पांच किलो गैस कम पाए जाने की बात सामने आई है। मामले में चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
एजेंसी के तीन पहिया वाहनों में भरे सिलेंडरों से गैस निकालने की गतिविधियां देखी गईं। इलाके में मवेशी चराने वाले लोगों को कर्मचारियों की गतिविधियों पर पहले से संदेह था। बुधवार को जब लोगों ने कर्मचारियों से पूछताछ की तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद मारवाड़ी धर्मशाला के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने अन्य लोगों को एकत्र किया और प्रशासन को मामले की सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और सिलेंडरों की जांच की। जांच के दौरान एक सिलेंडर में पांच किलो गैस कम मिलने की बात सामने आई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि उपभोक्ताओं की ओर से पिछले तीन महीने से सिलेंडरों में गैस कम मिलने की शिकायतें की जा रही थीं। इंडियन गैस एजेंसी के प्रबंधक नवीन अंबादे ने बताया कि हर महीने एक-दो उपभोक्ता इस तरह की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। हालांकि, ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण कार्रवाई करना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि सिलेंडर लेते समय उसका वजन जरूर जांचें। यदि गैस की मात्रा में गड़बड़ी मिलती है तो तत्काल एजेंसी को इसकी सूचना दें, ताकि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मामला बढ़ता देख कुछ कर्मचारी अपने वाहन लेकर मौके से निकलने लगे। लोगों ने उनका पीछा किया। बताया जाता है कि महावीर मंदिर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर वाहन छोडक़र कर्मचारी रेलवे पटरी पार करते हुए फरार हो गए। कार्रवाई की जद में आए कर्मचारियों की पहचान शिवराज, सुनील, सरवन और राम सिंह बिश्नोई के रूप में बताई गई है। चारों राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं।
एसडीएम अक्षय दोषी ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाकर जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया है। इसे जिले के उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।