
RDA Allotment Rules: रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने अपनी योजनाओं के संचालन, संपत्ति प्रबंधन और आवंटन प्रक्रिया में कई बदलाव करने का फैसला किया है। गुरुवार को हुई संचालक मंडल की बैठक में ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, बकायेदार आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के प्लॉटों के हस्तांतरण पर रोक और संपत्तियों की मैपिंग जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में तय किया गया कि आरडीए की नई वेबसाइट के माध्यम से हितग्राही घर बैठे ऑनलाइन किस्त जमा कर सकेंगे। इसके अलावा उपलब्ध संपत्तियों की जानकारी, ऑनलाइन आवेदन और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। बोर्ड ने बोरियाखुर्द योजना में लंबे समय से किस्त जमा नहीं करने वाले करीब 1100 आवंटियों के आवंटन निरस्त कर प्लॉटों को दोबारा बेचने का निर्णय लिया है। वहीं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्लॉटों के विक्रय और हस्तांतरण पर 10 वर्ष तक रोक लगाने का फैसला भी किया गया है, ताकि वास्तविक पात्र हितग्राहियों को ही इसका लाभ मिल सके।
संचालक मंडल ने कौशल्या माता विहार और इंद्रप्रस्थ-02 योजनाओं में विक्रय संपत्तियों की दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्राधिकरण की सभी संपत्तियों की जीपीएस मैपिंग कर यूनिक आईडी तैयार करने, पुराने बहुमंजिला भवनों की तकनीकी जांच कराने, देवेंद्र नगर स्थित सिटी सेंटर मॉल के कुछ हिस्सों के लीज आधारित विक्रय तथा अतिक्रमण और भूमि विवादों के व्यवस्थित निराकरण की दिशा में भी निर्णय लिए गए।
टिकरापारा स्थित 96 टिन शेड के पुनर्विकास के लिए निविदा दरों को मंजूरी दी गई। मूल आवंटितों को प्लॉट देने के बाद शेष प्लॉट और दुकानों का विक्रय निविदा के माध्यम से किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कौशल्या माता विहार, इंद्रप्रस्थ और बोरियाखुर्द योजनाओं में दोहरे आवंटन के मामलों के निराकरण का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
बैठक में बैंक ऋण के लिए एक समान त्रिपक्षीय अनुबंध प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। साथ ही शंकर नगर, लांभाड़ी, कचना और जोरा क्षेत्र में प्रस्तावित विकास योजना के लिए सैद्धांतिक सहमति दी गई। आरडीए अध्यक्ष नंदकुमार साहू का कहना है कि इन फैसलों का असर आने वाले समय में प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं, संपत्ति प्रबंधन और आवंटन प्रक्रिया पर दिखाई देगा।