
Raipur Traffic Jam: शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए 10 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है। इसमें ट्रैफिक जाम की सूचना मिलते ही 10 मिनट से कम समय में मौके पर टीम पहुंचती है। इससे ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने में मदद मिलती है। ट्रैफिक जाम के लिए हेल्पलाइन नंबर भी-94792-10632 भी जारी किया गया है। इसमें अब तक नागरिकों से 88 बार ट्रैफिक जाम की सूचनाएं मिली हैं। प्रत्येक सूचना पर क्यूआरटी टीम ने औसतन 5 से 8 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर जाम खत्म किया है।
क्यूआरटी को आईटीएमएस कंट्रोल रूम से संचालित किया जा रहा है। आईटीएमएस में गूगल मैप और सीसीटीवी कैमरों की सहायता से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाती है। आम लोगों से आने वाले कॉल के आधार पर भी आईटीएमएस के कर्मचारी संबंधित क्यूआरटी को तत्काल लोकेशन उपलब्ध कराकर मौके पर रवाना करते हैं।
शहर के कई इलाकों में सुबह 9 से 10 और शाम को 6 से 8 बजे के बीच ज्यादा जाम लगता है। इसकी बड़ी वजह ट्रैफिक सिग्नल बंद, लेफ्ट टर्न फ्री न रहना, अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और वाहनों की बढ़ती संख्या है।
शहर में किसी भी स्थान पर ट्रैफिक जाम होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 94792-10632 में कॉल करें। इससे क्यूआरटी की टीम मौके पर पहुंचेगी। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल अर्चना झा ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति दिखाई देने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
रायपुर शहर में सुबह 9 से 10 बजे और शाम 6 से 8 बजे के बीच सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव रहता है। इस दौरान कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और बाजारों की वजह से सड़कों पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है।
पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) अर्चना झा ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम दिखाई देने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। साथ ही वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें, नो-पार्किंग में वाहन खड़े न करें और लेफ्ट टर्न को बाधित न करें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।