
रायपुर@ राकेश टेम्भुरकर। Saurabh Chandrakar: ईडी ने 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा का अवैध रूप से संचालित महादेव सट्टा के प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण करने दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जून 2026 में जारी किए गए वारंट में फरार घोषित किया गया है। इसमें बताया गया है कि सौरभ के खिलाफ 2024 में पहली बार वारंट जारी किया गया था। इस दौरान वह दुबई में शरण लिए हुआ था। पकड़े जाने के डर से ओमान फरार हो गया था। वहां से लाए जाने के लिए विदेश मंत्रालय को 400 पन्नों की फाइल भेजी गई है। इसे ओमान की कोर्ट में पेश की प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत लाने पर रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
बता दें कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई इस कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर जल्द ही सौरभ को भारत लाकर जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी।
सौरभ चंद्राकर की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में रहने वाला सौरभ कुछ साल पहले तक अपने भाई के साथ नेहरू नगर इलाके में 'जूस फैक्ट्री' नाम की एक छोटी-सी जूस की दुकान चलाता था। स्थानीय स्तर पर सामान्य जीवन जीने वाला यह युवक कुछ ही सालों में देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का कथित सरगना बन गया। वह 2019 में अपने करीबी सहयोगी रवि उप्पल के साथ दुबई चला गया था। जहां विदेशी सहयोगियों के साथ मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक नाम से ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म शुरू किया।
धीरे-धीरे यह नेटवर्क पूरे देश में फैल गया और हजारों एजेंटों के जरिए ऑनलाइन सट्टे का कारोबार संचालित होने लगा। इसके जरिए देशभर में करीब 3200 से 4000 सट्टा पैनल संचालित किए जा रहे थे। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से रोजाना 200 से 240 करोड़ रुपए का अवैध कारोबार होता था। जांच में सामने आया कि कुछ ही सालों में नेटवर्क का कारोबार करीब 6000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
सौरभ चंद्राकर 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास-अल-खैमाह में अपनी शादी का भव्य शादी का आयोजन किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस शादी पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। कार्यक्रम में कई बॉलीवुड कलाकारों को निजी विमानों से बुलाया गया और हवाला के जरिए इसका भुगतान किया।
जांच एजेंसियों के अनुसार पकड़े जाने के डर से दुबई से फरार होने के बाद इंडोनेशिया से दूसरा पासपोर्ट बनवाया। इस फर्जी पासपोर्ट के जरिए इसके जरिए ही ओमान में प्रवेश कर रहा था। इसी दौरान वह पकड़ा गया। इसी मामले में वहां उसके खिलाफ अलग से आपराधिक केस दर्ज किया गया। फिलहाल उसे मस्कट स्थित अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
ईडी ने महादेव सट्टा घोटाले की जांच के दौरान सौरभ चंद्राकर और उससे जुड़े लोगों की 1700 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इनमें दुबई के बुर्ज खलीफा में स्थित संपत्तियां भी शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा कई बैंक खाते, लग्जरी वाहन और अन्य निवेश भी जांच के दायरे में हैं।