शिक्षाकर्मियों की हड़ताल से अफसरों की नाराजगी बढ़ गई है।विभाग ने हड़ताल पर गए शिक्षाकार्मियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस जारी होने के बाद यदि ये शिक्षाकर्मी तीन दिन में काम पर नहीं लौटेंगे, तो उन्हें नौकरी से बाहर करने की चेतावनी दी गई है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एमके राउत ने बुधवार को मंत्रालय से इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में पदस्थ शिक्षाकर्मी अनाधिकृत रूप से 20 नवम्बर से हड़ताल पर है। संबंधित जिलों में जिन परिवीक्षाधीन और स्थानांतरित ऐसे शिक्षक 20 तारीख से अनाधिकृत रूप से हड़ताल पर हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
मंत्री का समर्थन वाला पत्र वायरल
शिक्षाकर्मियों की हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का वीडियो और पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर का समर्थन पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। मंत्री चंद्राकर ने वर्ष 2003 में शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए पत्र लिखा है।
एस्मा लगाने की भी तैयारी
बताया जाता है कि पंचायत विभाग बाकी शिक्षाकर्मियों पर भी सख्ती बरतने के लिए एस्मा लगाने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद अभी सरकार और शिक्षकार्मियों के बीच टकराव और बढ़ेगा।
12वीं पास युवाओं की मदद लेने का निर्णय
सरकार ने शिक्षाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की अवधि में प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए १२वीं पास युवाओं की मदद लेने का फैसला किया है। इन युवाओं को संबंधित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जो भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों की सेवाओं में नियुक्ति के समय अनुभव प्रमाण पत्र के रूप में मान्य होगा। साथ ही मध्याह्न भोजन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायतों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। परिपत्र में अधिकारियों से कहा गया है कि इस प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था में अगर किसी के द्वारा हस्तक्षेप किया जाता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए।
वापस हो जाएगा तबादला आदेश
विभाग ने एक साल के भीतर तबादला लेने वाले हड़ताली शिक्षाकर्मियों पर सख्ती करने का फैसला लिया है। विभाग ने एेसे शिक्षाकर्मियों को दो दिन का नोटिस देकर कार्य पर उपस्थित होने को कहा है। यदि समय-सीमा में वे अपने कार्य पर उपस्थित नहीं होते तो तबादला निरस्त कर वापस पुराने स्कूल में पदस्थ कर दिया जाएगा।
धमकी का असर नहीं
शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के संयोजक वीरेन्द्र दुबे ने कहा कि हर बार हड़ताल के समय सरकार इस प्रकार के अल्टीमेटम देती रहती है। हड़ताल पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। शिक्षाकर्मी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि सरकार परिवीक्षा अवधि वाले शिक्षाकर्मियों पर दवाब बनाने के लिए धमकाने का काम कर रही है। शिक्षाकर्मी हर हाल में अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे। आने वाले समय में आंदोलन का स्वरूप भी बदला जाएगा।