रायपुर

‘मेरा जो उखाड़ना है उखाड़ लो’, गरियाबंद में 6 कर्मचारियों ने अधिकारी पर लगाया कथित अभद्र व्यवहार का आरोप

Employee Salary Cut: गरियाबंद में छह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने 10 दिन का वेतन काटने की धमकी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है।
2 min read
• •
Oct 01, 2026
Govt Holiday Salary
गरियाबंद में वेतन कटौती पर विवाद (Photo Source- Patrika)

विनोद जैन/Govt Holiday Salary: छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के जिला विपणन अधिकारी कार्यालय गरियाबंद में कार्यरत छह दैनिक वेतनभोगी/जॉबदर कर्मचारियों ने वेतन कटौती को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सितंबर माह में 10 दिनों का वेतन काटे जाने की आशंका जताई है। कर्मचारियों ने शासकीय अवकाश के दिनों का वेतन काटे जाने पर रोक लगाने और मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

salary cut allegation: अधिकारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप

कर्मचारियों के मुताबिक वे पिछले 13-14 वर्षों से लगातार कार्यालय में सेवाएं दे रहे हैं और समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाते आ रहे हैं। छह कर्मचारियों ने जिला विपणन अधिकारी को अनुमति/आवेदन देकर 10 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक रामेश्वरम् यात्रा पर जाने की बात कही है। इसी अवधि में 12, 13, 14 और 15 सितंबर को शासकीय अवकाश था।

अधिकारी पर छह कर्मचारियों से कथित अभद्रता का आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि अवकाश अवधि को भी ध्यान में रखते हुए उनके 10 दिनों का वेतन काटने की बात कही जा रही है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यालय लौटने के बाद इस मुद्दे को लेकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। आवेदन में जिला विपणन अधिकारी पर कथित रूप से यह कहने का भी आरोप लगाया गया है कि “जिसके पास जाना है चले जाओ, मेरा जो उखाड़ना है उखाड़ लो।” हालांकि अधिकारी का पक्ष इस आवेदन में उपलब्ध नहीं है।

26 दिन की मजदूरी, कटे 10 दिन तो परिवार कैसे चलेगा?

कर्मचारियों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी आर्थिक परेशानी भी रखी है। उनका कहना है कि दैनिक वेतनभोगी होने के कारण उन्हें महीने में सीमित दिनों का ही वेतन प्राप्त होता है। ऐसे में यदि 10 दिनों की मजदूरी काट ली गई तो परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा 12 से 15 सितंबर के शासकीय अवकाश की अवधि के वेतन की कटौती पर रोक लगाते हुए नियमानुसार वेतन दिलाया जाए।

कलेक्टर के हस्तक्षेप पर टिकी नजर

वर्षों से कार्यालय में कार्यरत इन कर्मचारियों की शिकायत के बाद अब पूरे मामले में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर नजर है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक विभागीय कार्यों में सेवाएं दी हैं और अब वेतन कटौती की स्थिति उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर सकती है। शिकायतकर्ताओं में रूपेन्द्र बजारे, पोखराज साहू, सुनील सोनवानी, परसराम ध्रुव, प्रीतम साहू और देवेंद्र यादव शामिल हैं।

Updated on:
01 Oct 2026 04:32 pm
Published on:
01 Oct 2026 04:25 pm