रायपुर

दुर्ग से रायपुर तक फैला टैक्स चोरी का जाल, लोहा कारोबारी की गिरफ्तारी के बाद कई और व्यापारी जांच के घेरे में

Bogus billing: स्टेट GST ने दुर्ग के उतई निवासी लोहा कारोबारी विजय यादव को 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। जांच में बोगस बिलिंग और फर्जी ITC क्लेम से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
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Jul 22, 2026
Chhattisgarh GST Raid
छापेमारी में 10 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी उजागर (photo source- Patrika File Photo)

Chhattisgarh GST Raid: स्टेट जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए दुर्ग जिले के उतई निवासी लोहा कारोबारी विजय यादव को गिरफ्तार किया है। कारोबारी पर करीब 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी करने का आरोप है। जीएसटी टीम ने उसे उसके उतई स्थित ठिकाने से हिरासत में लिया, जिसके बाद उसे रायपुर स्थित जीएसटी मुख्यालय लाया गया।

फिलहाल अधिकारियों की टीम उससे पूरे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, विजय यादव लंबे समय से लोहा और स्टील स्क्रैप कारोबार की आड़ में टैक्स चोरी कर रहा था। विभाग को कारोबारी की गतिविधियों को लेकर लगातार इनपुट मिल रहे थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

उतई दफ्तर में छापेमारी, मिले टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेज

पुख्ता जानकारी मिलने के बाद स्टेट जीएसटी की टीम ने विजय यादव के उतई स्थित कार्यालय और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें टैक्स चोरी से जुड़े अहम सुराग सामने आने की बात कही जा रही है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कारोबारी का नेटवर्क सिर्फ दुर्ग तक सीमित नहीं था, बल्कि रायपुर, भिलाई और प्रदेश के अन्य जिलों तक फैला हुआ था। टीम अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर पूरे कारोबार की गतिविधियों को खंगाल रही है।

बोगस बिलिंग और फर्जी ITC क्लेम का खुलासा

जांच के दौरान स्टेट जीएसटी अधिकारियों को कई ऐसी फाइलें और रिकॉर्ड मिले हैं, जिनमें फर्जी बिलिंग और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, टैक्स चोरी के लिए कागजों में फर्जी खरीद-बिक्री दिखाई जाती थी और इसी आधार पर सरकार को मिलने वाले टैक्स में हेरफेर किया जाता था। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस पूरे मामले में कितने व्यापारी और संस्थान जुड़े हुए हैं।

ऐसे चलता था टैक्स चोरी का पूरा खेल

  1. फर्जी बिलिंग के जरिए टैक्स में हेरफेर

जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर बोगस बिल तैयार कर कारोबार को वास्तविक से ज्यादा या कम दिखाया जाता था। इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए टैक्स देनदारी को कम करने की कोशिश की जाती थी।

  1. फर्जी ITC का उठाया जा रहा था फायदा

कागजों में फर्जी खरीदारी दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचता है।

  1. कई जिलों तक फैला नेटवर्क

जांच एजेंसी को आशंका है कि यह नेटवर्क दुर्ग, भिलाई और रायपुर समेत कई इलाकों तक फैला हुआ था। अब विभाग इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।

अन्य कारोबारियों पर भी शिकंजे की तैयारी

स्टेट जीएसटी अधिकारियों को जांच के दौरान कुछ अन्य व्यापारियों के नाम सामने आने की जानकारी मिली है। संदेह के दायरे में आए कारोबारियों को पूछताछ के लिए रायपुर स्थित जीएसटी मुख्यालय बुलाया जा सकता है। विभाग जब्त दस्तावेजों, बिलों और लेन-देन की जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटा है। आने वाले दिनों में इस कार्रवाई का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

10 करोड़ की चोरी से खुला बड़ा नेटवर्क?

विजय यादव की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस सिर्फ एक कारोबारी तक सीमित नहीं है। जीएसटी विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि फर्जी बिलिंग और आईटीसी के इस कथित खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।

Updated on:
22 Jul 2026 06:49 am
Published on:
22 Jul 2026 06:48 am