रायपुर

छत्तीसगढ़ में बकरीद पर नया नियम लागू, उल्लंघन पर 50 हजार जुर्माना तय, कुर्बानी पर लगा सख्त बैन!

Chhattisgarh Bakrid rules 2026: छत्तीसगढ़ में ईद-उल-अज़हा 2026 को लेकर प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 28 मई को नमाज़ का समय तय किया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर रोक लगाई गई है।
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Updated: 27 May 2026, 7:04 PM IST
Bakrid 2026
सरकार ने बकरीद पर कुर्बानी पर लगाई रोक (पत्रिका)

Bakrid 2026: ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का पावन त्योहार इस वर्ष 28 मई 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अवसर पर राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 06:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित समय के अनुसार नमाज़ अदा की जाएगी। प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

वक्फ बोर्ड ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा इस वर्ष भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गंभीर मामलों में 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान भी रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए लिया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूरी रोक

प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि सड़क, गली, मैदान या किसी भी खुले स्थान पर पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत बूचड़खानों या निजी परिसरों के भीतर ही नियमों के अनुसार की जा सकेगी। यह निर्णय स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

ध्वनि प्रदूषण और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान

त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ के समय अलग-अलग स्लॉट में तय किए गए हैं।

प्रशासन और वक्फ बोर्ड की तैयारी

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं को देखते हुए इस बार भी नमाज़ को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और सैनिटाइजेशन की विशेष व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ने की ये अपील

मुस्लिम धर्म के लोग यह त्योहार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की याद में मनाते हैं, इस दौरान मुस्लिम समाज के साहिबे निसाब व्यक्ति द्वारा कुर्बानी की जाती है। इस बार यह कुर्बानी 28 मई को सूर्योदय से लेकर 30 मई सूर्यास्त तक होगी। छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने लोगों खुले में कुर्बानी नहीं देने की अपील की है, उन्होंने कहा कि समाज के लोग अन्य धर्मों की आस्था का भी ध्यान रखें।

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27 May 2026, 7:04 PM IST
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