Fraud on Olx in Chhattisgarh : ऑनलाइन वेबसाइटों पर इन दिनों के ठग आर्मी मैंन के नाम अफ्ले लोगों को भरोसे में लेता है और फिर उन्हें ठग देता है
रायपुर. Fraud on OLX in Chhattisgarh : आपने भी कभी ना कभी दोपहिया वाहन बेचने या खरीदने का प्रयास तो किया ही होगा। रायपुर के एक छात्र ने भी OLX पर बाइक का विज्ञापन देख कर उसे खरीदने की सोची। छात्र को बाइक तो नहीं मिली लेकिन उसके चक्कर में 42 हजार रुपये गंवाने पड़े। एक शातिर ठग ने खुद को आर्मी अफसर बताकर छात्र को वाहन बेचने का झांसा देकर पैसे ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर खमतराई पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार बंजारी नगर रावांभाठा निवासी चंद्रशेखर देवांगन (20) बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। कॉलेज जाने के लिए उसे दोपहिया वाहन की जरूरत थी। 23 जुलाई को ओएलएक्स में पुरानी स्कूटी बेचने का एड देखकर चंद्रशेखर ने दिए गए नंबर पर फ़ोन किया।
फ़ोन रिसीव करने वाले ने अपना नाम अफसर रामजी साहू बताया और कहा की वो आर्मी का अफसर है और माना एयरपोर्ट पर कार्यरत है। दोनों के बीच 20 हजार में स्कूटी बेचने की बात हुई।जिसके बाद उसने पहले ऑनलाइन हजार बीस रुपये खाते में ट्रांसफर करने के बाद दोपहिया वाहन को एयरपोर्ट में गेट पास होने पर ही निकलने की बात कही और कहा की पैसे मिलते ही वो गाडी को उसके पास पहुंचा देगा।
उसने उसे दुबारा फ़ोन कर कहा की स्कूटी वो किसी अन्य व्यक्ति के साथ भेज रहा है। जो उसका आधार कार्ड देखकर उसे स्कूटी दे देगा। जिसके लिए उसे अपना आधार कार्ड वाट्सअप करना पड़ेगा। चंद्रशेखर ने झांसे में आकर बिना वाहन देखे खाते में 20 हजार रुपये जमा कर दिया। लेकिन इसके बाद भी नकली आर्मी मैंन ने उसे स्कूटी नहीं भेजी। पूछने पर कहा कि आप का पैसा पेंडिंग में चला गया है, इसलिए दोबारा 19 हजार 980 भेजना पड़ेगा।
ठग ने विश्वास दिलाया कि एयरपोर्ट का यह नियम है। फिर उसने पहले भेजे गए 20 हजार रुपये को नगद लौटाने को कहा। चंद्रशेखर ने परिचित से कर्ज लेकर 20 हजार रुपये पेटीएम में ट्रांसफर कर दिया। जब तीसरी बार ठग ने फिर से पैसा जमा करने को कहा तब चंद्रशेखर को शंका हुई। एयरपोर्ट जाकर पता किया तो रामजी साहू नाम का कोई भी आर्मी अफसर तैनात नहीं मिला। इससे पहले भी बिलासपुर में एक व्यक्ति से ठीक इसी तरह OLX पर ही एक आर्मी मैंने ने लगभग 90 हजार रुपये ठग लिए थे।