रायपुर

स्कूल डाईवर ने की ऐसी शर्मनाक गलती, उफनाए नाले में बह गए 2 स्कूली बच्चे, 1 लापता

स्कूली वाहन चालक की लापरवाही से बासीन गांव में सोमवार को उफनाए नाले को पार करते समय तेज बहाव में दो बच्चे बह गए।

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Oct 10, 2017
, two school children flown in a drained drain, 1 missing

भिलाई/गुरुर. स्कूली वाहन चालक की लापरवाही से बासीन गांव में सोमवार को उफनाए नाले को पार करते समय तेज बहाव में दो बच्चे बह गए। रुद्र कुमार (6) को ग्रामीणों ने बचा लिया पर जितेन्द्र कुमार (6) की देर रात तक तलाश जारी रही। संध्या स्कूल के मैजिक चालक ने दोनों बच्चों को नाले के इसी पार छोड़ दिया था। इससे यह बड़ा हादसा हो गया। इस मामले में शासन-प्रशासन की लापरवाही आ रही है। यहां घोषणा और सर्वे के बाद भी पर पुल बनाए जाने का काम अधर में लटका है।

बेमेतरा में एनीकट में गिरे दादा-पोती, बच्ची बची
देवकर के सुरही नदी एनीकट को पार करने के दौरान पानी के तेज बहाव में डेरहा मंडावी (68) व उसकी नाबालिग पोती नेहा (13) बह गए। ग्रामीणों ने पानी में कूदकर बच्ची की बचा लिया, लेकिन बुजुर्ग पानी के तेज बहाव में बह गए। देर शाम तक गोताखोर उन्हें तलाश नहीं पाए थे। सुरही नदी पर बने एनीकेट से दो फीट ऊपर पानी बह रहा है, ऐसे में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आ-जा रहे हैं।

नौकरी के लिए आते हंै ऐसे ऑफर, तो रहिए सावधान, लूट चुके हैं साढ़े 5 लाख

खनिज विभाग में इंस्पेक्टर तथा शिक्षा विभाग में क्लर्क की नौकरी लगाने का झांसा देकर एक शातिर ने दो बेरोजगारों से साढ़े पांच लाख रुपए ठग लिए। नौकरी के नाम पर आरोपी ने दो वर्ष तक बेरोजगारों को चक्कर कटवाया और बाद में रकम भी वापस नहीं की। पीडि़तों ने मामले की शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर लिया।

सरस्वती नगर थाना प्रभारी अब्दुल कादिर खान के मुताबिक मनोज साहू पिता राम जी साहू निवासी बलौदाबाजार और उसका मित्र यशवंत यादव बेरोजगार है। उनकी मुलाकात वर्ष 2014 में कमल किशोर साहू से हुई थी। उसने दोनों को झांसा दिया कि उसकी ऊपर तक पहुंच है, वह खनिज एवं शिक्षा विभाग में उनकी नौकरी लगा सकता है। मनोज और यशवंत उसके झांसे में आ गए। मनोज ने खनिज विभाग में इंस्पेक्टर पद के लिए साढ़े तीन लाख एवं यशवंत ने शिक्षा विभाग में क्लर्क के लिए एक लाख अस्सी हजार रुपए उसे दिए। कमल किशोर ने जमानत के तौर पर दोनों को चेक दिया था। यदि नौकरी न लगे, तो आरोपी रकम वापस ले सकते है। दो वर्षों तक जब उनकी नौकरी नहींं लगाई तो पीडि़तों ने चेक को बैंक में लगाया, लेकिन बाउंस हो गया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की।

Published on:
10 Oct 2017 11:03 am