
Chhattisgarh Sugar Scam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में 700 टन शक्कर लेकर 2.1 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले के बाद शक्कर कारोबारियों ने लेन-देन के तरीके में बदलाव शुरू कर दिया है। एफआईआर दर्ज होने और अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। घटना के बाद व्यापारियों में भुगतान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब कारोबारी बिना जांच-पड़ताल के माल भेजने से बच रहे हैं और खरीदार की वित्तीय स्थिति, बैंक रिकॉर्ड व भुगतान क्षमता की जांच को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शक्कर कारोबारियों ने अब बिना जांच-पड़ताल के बड़ी मात्रा में माल भेजने से दूरी बनानी शुरू कर दी है। व्यापारी अब खरीदार की वित्तीय स्थिति, पुराने कारोबार रिकॉर्ड और भुगतान क्षमता की जांच को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा पोस्ट डेटेड चेक (PDC), डिजिटल वेरिफिकेशन और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर ही व्यापारिक लेन-देन करने पर जोर दिया जा रहा है।
मामले के अनुसार 1 अप्रैल से 5 मई के बीच रायगढ़ के कोलिंदी कुंज निवासी कारोबारी राजेश अग्रवाल और उनके बेटे शैलेष अग्रवाल ने रायपुर के कई शक्कर कारोबारियों से करीब 20 ट्रक यानी लगभग 700 टन शक्कर खरीदी थी। इसकी कीमत करीब 2 करोड़ 1 लाख 633 रुपए बताई जा रही है। आरोप है कि माल लेने के बाद भुगतान नहीं किया गया।
व्यापारियों की शिकायत के बाद 14 जून को रायपुर के खमतराई थाने में मामले की एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, वहीं आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद दोनों आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पीड़ित व्यापारियों और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मामले में जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
खमतराई थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।