
Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए 7 बड़े फैसले(photo-patrika)
Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के आईपीओ को सैद्धांतिक सहमति दी, वहीं किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पीडीएस में चना वितरण जारी रखने, 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने और खनिज परिवहन में RFID व ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। इन फैसलों से विकास और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को शेयर बाजार (स्टॉक एक्सचेंज) में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए कंपनी आईपीओ (IPO) लाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कंपनी को धन जुटाने में मदद मिलेगी, कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोग भी कंपनी के शेयर खरीदकर निवेश कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कंपनी के संचालक मंडल को सौंपी गई है।
मंत्रिपरिषद ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। योजना के तहत धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना है।
कैबिनेट बैठक में राशन कार्डधारी परिवारों को चना वितरण की योजना को वित्त वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इसके लिए चना खरीदने की जरूरी व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से गरीब और पात्र परिवारों को पहले की तरह राशन के साथ नियमित रूप से चना मिलता रहेगा और उन्हें खाद्य सामग्री की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
कैबिनेट ने योग से जुड़े कामकाज को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंपने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन रखने से योग की पढ़ाई, प्रशिक्षण और शोध कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इससे योग के क्षेत्र में विकास और समन्वय बढ़ने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने को मंजूरी दी है। ये बसें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में संचालित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।
कैबिनेट बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को जमीन खरीदने पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से नवा रायपुर में विकास कार्यों को गति मिलेगी, नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और शहर के बुनियादी ढांचे के विस्तार में मदद होगी।
कैबिनेट ने खनिजों के परिवहन और भंडारण व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए खनिज नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। अब खनिज ढोने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा, जिससे उनकी निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा खनिज की मात्रा और गुणवत्ता की जांच के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि कैबिनेट में लिए गए इन फैसलों से कृषि, ऊर्जा, परिवहन, खनिज और शहरी विकास के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएंगे। साथ ही पारदर्शिता बढ़ेगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
Updated on:
09 Jun 2026 04:06 pm
Published on:
09 Jun 2026 03:37 pm
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