रायपुर

रेत माफियाओं की दबंगई के आगे रायपुर प्रशासन पस्त, सील तोड़कर ले गए जब्त मशीन, कार्रवाई में हुआ खुलासा

Chhattisgarh Sand Mafia: रायपुर के आरंग स्थित हरदीडीह में अवैध रेत खनन के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि सेंट्रल माइनिंग टीम द्वारा जब्त कर सील की गई मशीन को रेत माफिया सरकारी सील तोड़कर ले गए।
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Jul 04, 2026
Illegal Sand Mining
Illegal Sand Mining: आरंग में रेत माफियाओं की दबंगई(photo-AI)

Illegal Sand Mining: छत्तीसगढ़ के रायपुर से लगे आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हरदीडीह स्थित महानदी रेत खदान में अवैध रेत उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है। यहां रेत माफियाओं की कथित दबंगई ने खनिज विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सेंट्रल माइनिंग टीम द्वारा अवैध उत्खनन के दौरान जब्त कर सील की गई तीन चैन माउंटेड मशीनों में से एक मशीन को माफिया सरकारी सील तोड़कर मौके से ले गए। इस घटना को शासन और प्रशासन के लिए खुली चुनौती माना जा रहा है।

Arang Sand Mafia: शिकायत के बाद हुई थी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और राज्य शासन के निर्देशों के तहत प्रदेश की रेत खदानें फिलहाल बंद हैं। इसके बावजूद हरदीडीह क्षेत्र में महानदी से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई थी।

शिकायत के आधार पर सेंट्रल माइनिंग की टीम ने 13 मई को पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में लगी तीन चैन माउंटेड मशीनों को जब्त कर नियमानुसार सरकारी सील लगाई गई।

सील तोड़कर मशीन ले जाने का आरोप

कार्रवाई के कुछ समय बाद ही कथित रेत माफियाओं ने सरकारी सील तोड़कर जब्त मशीनों में से एक मशीन को वहां से हटा लिया। इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जब सरकारी एजेंसी द्वारा सील की गई मशीनें ही सुरक्षित नहीं रह सकीं, तो अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण कैसे संभव होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के प्रति माफियाओं के बेखौफ रवैये को दर्शाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन जारी है, लेकिन कार्रवाई के बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर की मांग

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी सील तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। साथ ही यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस मामले ने एक बार फिर प्रदेश में अवैध रेत खनन और उस पर नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Updated on:
04 Jul 2026 02:05 pm
Published on:
04 Jul 2026 01:27 pm