
Raipur Revenue Department: आम नागरिकों की सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की होती हैं। जमीन संबंधी मामलों का निराकरण नहीं होने से आम नागरिक बेहद परेशान है। राजस्व विभाग में इन दिनों 38 हजार से अधिक शिकायतें पेंडिंग हैं। जो शासन की वेबसाइट पर दर्ज है। रायपुर जिले का आंकड़ा तो बेहद चौंकाने वाला है। रायपुर जिले में सर्वाधिक आवेदन पेंडिंग हैं। यहां 32 हजार 974 आवेदन पेंडिंग हैं। बाकी दूरस्थ जिलों के आंकड़े बहुत कम है, लेकिन मैदान क्षेत्रों के जिलों में आंकड़े 500 से लेकर एक हजार तक हैं।
भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नक्शा, बंटाकन, सीमांकन सहित अन्य मामलों की शिकायतें मंत्री और विभाग के सचिव तक से की जाती है, लेकिन निराकरण नहीं होता है। ऐसा ही एक मामला बालोद जिले की तहसील गुंडरदेही के ग्राम मोखा में नूजल जमीन पर दुकानों को हटाने के लिए ग्रामवासियों ने तहसील, जिला, संभाग के बाद आखिर में विभागीय मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव तक से तीन साल पहले की थी, लेकिन आज तक नूजल जमीन पर बनी दुकानों को हटाया तक नहीं गया। इसी तरह राजधानी रायपुर के मठपुरैना इलाके में रिंगरोड के किनारे नजूल पर कोरोना कॉल में भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर दुकानें, घर बना लिए। पास में ही हायर सेकंडरी स्कूल लगता है, उसकी बाउंड्रीवाल के किनारे की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। शिकायतें हुईं, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
1 मई से 10 जून तक शासन ने सुशासन तिहार मनाया। इसके पहले शासन ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पेंडिंग आवेदनों और शिकायतों का निराकरण शिविर के पहले अनिवार्य रूप से कर लेवें, लेकिन राजस्व विभाग की वेबसाइट में दर्ज शिकायतों का निराकरण आज तक नहीं हुआ। नतीजा आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही है।
रायपुर - 32,974
कबीरधाम - 235
कांकेर- 110
कोण्डागांव - 77
कोरबा - 231
कोरिया- 61
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई - 88
गरियाबंद - 96
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- 147
जशपुर -121
जांजगीर-चाम्पा-186
दंतेवाड़ा - 43
दुर्ग - 585
धमतरी- 201
नारायणपुर - 73
बेमेतरा - 308
बलरामपुर -70
बलौदाबाजार भाटापारा- 106
बस्तर (जगदलपुर) -78
बालोद - 163
बिलासपुर -571
बीजापुर - 27
मुंगेली - 89
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर -80
महासमुंद -162
मोहला-मानपुर-चौकी-41
राजनांदगांव- 255
रायगढ़ - 302
सक्ती -193
सुकमा - 36
सरगुजा- 444
सूरजपुर- 124
सारंगढ़-बिलाईगढ़- 173