
Transfer Posting Scam: छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही बिचौलिए सक्रिय होने लगे हैं। मनचाही जगह पर पोस्टिंग दिलाने का झांसा देकर पैसे लेने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक व्याख्याता से ट्रांसफर कराने के नाम पर रकम लेने के बाद भी काम नहीं कराया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक महिला और पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बढ़ईपारा स्कूल में व्याख्याता के पद पर पदस्थ रामेश्वर प्रसाद वर्मा की मुलाकात वर्ष 2025 में ज्ञानेश बक्शी से हुई थी। उस समय रामेश्वर की पोस्टिंग संतोषी नगर में थी। दिव्यांग होने के कारण उन्हें आने-जाने में परेशानी होती थी। इसी बात का फायदा उठाते हुए ज्ञानेश ने उन्हें मनचाही जगह पर पोस्टिंग कराने का भरोसा दिया। उसने दावा किया कि शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों से उसकी पहचान है और वह आसानी से ट्रांसफर करा सकता है।
आरोप है कि भरोसा दिलाने के बाद आरोपी ने व्याख्याता से पैसे ले लिए। लेकिन रकम लेने के बाद भी उनका ट्रांसफर नहीं कराया गया। जब रामेश्वर ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस शिकायत के अनुसार, आरोपी ज्ञानेश और अनुराधा पर नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी करने का आरोप है। उन्होंने रामेश्वर के परिचित दुपेश कुमार साहू और तेजश्वरी साहू को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि जुलाई-अगस्त में सरकारी विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू होती है। इस दौरान कई बिचौलिए मंत्रालय और संचालनालय के आसपास सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग अधिकारियों से पहचान होने का दावा कर कर्मचारियों और अधिकारियों को मनचाही जगह ट्रांसफर कराने का भरोसा देते हैं और बदले में पैसे की मांग करते हैं। प्रशासन की ओर से भी ऐसे मामलों में सतर्क रहने की अपील की जाती रही है।