CG Scam: 670 करोड़ के सीजीएमएससी घोटाले में ईओडब्ल्यू को बड़ी सफलता मिली है। हरियाणा के आरएमएस संचालक अभिषेक सहित तीन गिरफ्तार किया है…
CG Scam: ईओडब्ल्यू ने सीजीएमएससी में हुए 670 करोड़ रुपए के घोटाले में रिकॉर्डर्स एण्ड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रालि पंचकुला हरियाणा के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, लाइजनर प्रिंस जैन (शशांक चोपड़ा के जीजा) और शारदा इंडस्ट्रीज रायपुर के प्रोपराइटर राकेश जैन गिरफ्तार किया। तीनों को विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए 27 जनवरी तक रिमांड पर लिया गया।
उक्त तीनों की मिलीभगत से घोटाले के सूत्रधार मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शंशाक चोपड़ा को निविदा मिली। इसके लिए फर्जी दस्तावेज बनाने और लाइजनिंग का काम किया। वहीं निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के उद्देश्य से कुछ फर्मों द्वारा आपसी समन्वय और कार्टेलाइजेशन किया गया ताकि पूरी प्रक्रिया में दूसरी फर्मो को बाहर कर किसी भी तरह से निविदा किसी भी तरह से हासिल किया जा सकें।
बता दें कि ईओडब्ल्यू की टीम रिकॉर्डर्स एण्ड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रालि डायरेक्टर अभिषेक कौशल को गिरफ्तार करने के लिए तीन दिन पहले पंचकुला हरियाणा गई थी। उसे गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय कोर्ट में पेश कर प्रोडेक्शन वारंट पर रायपुर लाने के बाद रिमांड पर लिया गया।
हमर लैब योजना के तहत सरकारी जिला अस्पतालों, एफआरयू, सीएचसी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में मेडिकल उपकरण एवं रिएजेंट्स की खरीदी करने निविदा जारी की गई थी। इस दौरान मेडिकल उपकरण एवं रिएजेंट्स की निविदा प्रक्रिया में पुल टेण्डरिंग के माध्यम से मोक्षित कॉर्पोरेशन द्वारा निविदा प्राप्त की गई। इसे हासिल करने के लिए अभिषेक और राकेश ने फर्जी दस्तावेज बनाने और रिकॉर्डर्स एण्ड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रालि के संचालक प्रिंस जैन (शशांक के जीजा) ने लाइजनिंग का काम किया।
जिसके कारण टेंडर में यही तीन फर्में शॉर्टलिस्ट हुई थीं जिनके वित्तीय दर खोली गई। तीनों पात्र फर्मों द्वारा भरे गए टेंडर में उत्पाद, पैक-साइज़, रिएजेंट और कंज्यूमेबल्स का विवरण समान पैटर्न में भरा गया। जिन उत्पादों का नाम निविदा दस्तावेज में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं था, उन्हें भी तीनों फर्मों द्वारा समान रूप से दर्शाया गया। दर भी समान पैटर्न में कोट किए गए, जिसमें सबसे कम दर मोक्षित द्वारा, उसके पश्चात आरएमएस और शारदा इंडस्ट्रीज द्वारा कोट की गई।
घोेटाले के मुख्य सूत्रधार शशांक चोपडा़ ने अपने मोक्षित कॉर्पोरेशन द्वारा सीजीएमएससी को एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति की। साथ ही लेनदेन कर भुगतान भी करवाया। इसके कारण शासन को 670 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस घोटाले में तीनों को गिरफ्तार कर प्रकरण की जांच की जा रही है।
ईडी ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड ( सीजीएमएससी) में हुए 670 करोड़ के रिएजेंट घोटाले के मास्टरमाइंड शशांक चोपडा़ को 23 जनवरी तक रिमांड लिया। पूछताछ करने के बाद शशांक को विशेष न्यायाधीश की अदालत में सोमवार को पेश किया। इस दौरान न्यायाधीश को बताया कि 3 दिन की रिमांड के दौरान मिले इनपुट के संबंध में विस्तृत पूछताछ करने की जरूरत है। इसके लिए अतिरिक्त रिमांड दिए जाने का अनुरोध किया। ईडी द्वारा पेश किए गए आवेदन पर विचार करने के बाद 5 दिन का रिमांड आदेश स्वीकृत किया।