CG Weather News: छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में तापमान 2-3 डिग्री बढ़ने की संभावना है। 27 मार्च को तेज हवाओं के साथ बारिश के भी संकेत, जानिए मौसम विभाग का अपडेट।
CG Weather News: Chhattisgarh में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक अभी अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस कम है, जिससे लोगों को हल्की राहत मिल रही है।
हालांकि, अगले चार दिनों के दौरान तापमान में 2-3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 27 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इससे तापमान में अस्थायी गिरावट भी दर्ज की जा सकती है, हालांकि कुछ इलाकों में धूप बनी रहेगी।
प्रदेश में तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो Rajnandgaon में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.0°C दर्ज किया गया। वहीं Ambikapur में न्यूनतम तापमान 17.0°C रहा, जो सबसे कम रहा। इससे दिन और रात के तापमान में अंतर साफ तौर पर देखा जा रहा है।
मार्च के अंत में छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में मौसम तेजी से बदलता है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी बारिश और बादल लाती है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन से अचानक गरज-चमक और हवाएं तेज होती हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत में दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर रहता है। यह बदलाव गर्मी के सीजन की शुरुआत का संकेत है, जिसमें धीरे-धीरे तापमान बढ़ता है और बीच-बीच में हल्की बारिश राहत देती है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है, जिसके चलते प्रदेश में शुष्क स्थिति बनी हुई है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के संकेत हैं, जबकि इसके बाद मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने से ही गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। यह समय सर्दी के अंत और गर्मी की शुरुआत का संक्रमण काल होता है, जब पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगते हैं और स्थानीय स्तर पर कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं रहती। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय साफ आसमान और कम बादल होने के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंचती हैं, जिससे दिन का तापमान बढ़ने लगता है।