
छत्तीसगढ़ में तीन सिस्टम सक्रिय (photo source- Patrika)
CG Weather News: छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहाना हो गया है। 20 मार्च को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में आंधी, बारिश और ओले गिरने की घटना सामने आई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग India Meteorological Department (IMD) ने राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 24 घंटों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। साथ ही 21 मार्च को भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहने की चेतावनी दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान बस्तर संभाग के जगदलपुर, बकावंड और साकोला में करीब 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो दुर्ग में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में तीन प्रमुख सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिनके कारण यह बदलाव देखा जा रहा है:
मध्यप्रदेश के ऊपर चक्रवाती घेरा – लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर बना यह सिस्टम नमी को खींच रहा है।
द्रोणिका रेखा (ट्रफ लाइन)– मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ तक फैली यह रेखा प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अस्थिरता बढ़ा रही है।
आंध्र प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवात – करीब 3.1 किमी ऊंचाई पर सक्रिय यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी से नमी लाकर मौसम को प्रभावित कर रहा है।
खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें
बिजली गिरने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें
किसान फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से इंतजाम कर लें
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ रुख बना रह सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण भी मौसम की अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे ऐसे बदलाव पहले की तुलना में ज्यादा तीव्र और अचानक हो रहे हैं। इसी वजह से मौसम विभाग समय-समय पर अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता है, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
Updated on:
21 Mar 2026 09:25 am
Published on:
21 Mar 2026 09:25 am
