
रायपुर@अजय रघुवंशी। Traffic Jam: शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और लेफ्ट टर्न फ्री करने की योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। घड़ी चौक समेत 18 चौक-चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री करने के लिए पक्के स्ट्रक्चर तैयार करने की योजना थी, लेकिन अब तक केवल 9 स्थानों पर ही काम पूरा हो पाया है। कई जगह पक्के निर्माण के बजाय अस्थायी सीमेंट ब्लॉक रखकर व्यवस्था चलाई जा रही है। दूसरी ओर, त्योहारी सीजन में बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ती भीड़ से यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना में देरी की एक बड़ी वजह कई इलाकों में निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाना है। यातायात विभाग और नगर निगम मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों के कारण निर्माण का स्वरूप तय नहीं हो पा रहा है। खम्हारडीह जैसे इलाकों में जनप्रतिनिधियों ने पक्के स्ट्रक्चर पर आपत्ति जताई है। ऐसे में वहां स्थायी निर्माण के बजाय सीमेंट ब्लॉक रखकर लेफ्ट टर्न खुला रखने की कोशिश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह 10 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। योजना शुरू करने से पहले सर्वे भी कराया गया था। चौक पर स्थायी बूथ सहित लाउडस्पीकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। लेफ्ट टर्न फ्री व्यवस्था का उद्देश्य चौराहों पर बाएं मुड़ने वाले वाहनों को सिग्नल पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचाना और जाम का दबाव कम करना है। इसके लिए चौराहों के डिजाइन के अनुसार स्थायी स्ट्रक्चर तैयार किए जाने थे।
यातायात विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना पूरी होने पर 5 लाख से अधिक लोगों को जाम से राहत मिल सकती है। योजना के तहत 18 चौक-चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री करने के लिए चिह्नित किया गया है।
यातायात विभाग की डीसीपी अर्चना झा ने बताया कि नगर निगम के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न फ्री करने का काम जारी है। फिलहाल कुछ स्थानों पर अस्थायी सीमेंट ब्लॉक रखे गए हैं।
भारतमाता चौक, एसआरपी चौक, महिला थाना चौक, खजाना चौक, फाफाडीह चौक, बंजारी चौक, लाखेनगर चौक, खम्हारडीह चौक और देवेंद्र नगर चौक।
मनीष पिल्लेवार, ट्रैफिक एक्सपर्ट के मुताबिक, “रायपुर के कई चौक-चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री व्यवस्था की आवश्यकता है। एक चौक पर 12 प्रकार के ट्रैफिक डायवर्जन होते हैं। शहर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए चौक-चौराहों पर बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट जरूरी है।”