
रजिस्ट्री दफ्तर में लोग (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@हिमांशु शर्मा। Registry Office Revenue: नवरात्र के दौरान इस बार रजिस्ट्री दफ्तर में जमीन-जायदाद के दस्तावेजों के पंजीयन में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार न केवल रजिस्ट्रियों की संख्या कम रही, बल्कि विभाग की आय भी करीब आधी रह गई। बीते साल जहां नवरात्र के दौरान लगभग 900 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था और इससे करीब 14 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं इस साल लगभग 500 दस्तावेज ही पंजीकृत हो सके। इससे विभाग की कमाई घटकर करीब 7 करोड़ रुपए रह गई। दस्तावेजों की संख्या में कमी और कार्यालय के सीमित कार्यदिवस इस अंतर की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
इस बार नवरात्र के दौरान छुट्टियों के कारण रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज के लिए सीमित दिन ही मिल सके। कार्यालय केवल पांच दिन खुला रहा। नवरात्र की शुरुआत की रविवार से हुई, इस तरह शनिवार-रविवार और अष्टमी की छुट्टी मिलाकर नौ दिन में चार दिन छुट्टी में ही बीत गए।
रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट के पीछे नई गाइडलाइन को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। संपत्तियों के मूल्यांकन से संबंधित नई दरों और उनके प्रभाव के चलते जमीन-जायदाद के सौदों पर असर पड़ा है। क्योकि नई गाइडलाइन में जमीनों की कीमत बढ़ने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी प्रभाव पड़ा है। जब से कीमत बढ़ी है तब से ही रजिस्ट्री में गिरावट दर्ज की गई है, जिसका फर्क साफ नजर आ रहा है।
विनोज कोचे, पंजीयक रायपुर के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस साल रजिस्ट्री कम हुई है। इसके कारण राजस्व कम मिला है। हालांकि दिवाली में रजिस्ट्री की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
Updated on:
22 Oct 2026 09:47 am
Published on:
22 Oct 2026 09:47 am
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