
रायपुर। CG Assembly Election 2023 : विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के साथ ही राजधानी में अवैध प्लाॅटिंग का जाल तेजी से बिछने लगा है। एकड़ों में दो-चार ट्रक मुरम डालकर लोगों को प्लाॅट बेचने का खेल जोर पकड़ रहा है। क्योंकि सामने दशहरा-दिवाली होने से लोग अवैध प्लाॅटिंग में ज्यादा से ज्यादा प्लाॅट बेचने और रजिस्ट्री करा देने के लिए तरह-तरह के प्रचार माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।
राजधानी से लगे सेजबहार और दतरेंगा गांव के बीच जमीन माफिया लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन की टीमें अवैध प्लाॅटिंग रोकने लिए शहर के आउटर वाले हिस्सों में नहीं निकल रही हैं। न ही कलेक्टर के खसरा ब्लॉक के फरमान का ही पालन हो रहा है। जिला प्रशासन की टीमें जिसमें तहसीलदार, आरआई और पटवारी शामिल है। उन्हें शिकायतें मिलने के बाद भी तब तक ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, जब तक कि अवैध प्लाॅटिंग में अधिकांश लोग फंस नहीं जाते हैं।
बिना लेआउट कागज पर प्लाॅट की साइज तैयार
शहर के कांदूल रोड, भाठागांव से आगे दतरेंगा में श्रीराम मंदिर से लगे हुए इलाके में कई एकड़ में अवैध प्लाॅटिंग का पूरी तरह से प्लेटफार्म तैयार कर लिया गया है। दतरेंगा में एक निजी बिल्डर की स्वीकृत कॉलोनी को दिखाकर जमीन माफिया के एजेंट लोगों को झांसा देकर अवैध प्लॉट बेचने का सौदा कर रहे हैं। एजेंट उद्धव सिन्हा ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से कोई लेआउट स्वीकृत नहीं कराया गया है। 650 रुपए वर्ग फीट के हिसाब से प्लाॅट बेचना शुरू किए हैं। जिला प्रशासन ने इस क्षेत्र में किसी का खसरा ब्लाॅक नहीं किया है। प्लाॅटिंग अवैध है, इसलिए सस्ता बेचने के लिए सोशल मीडिया पर एजेंटों के मोबाइल नंबर जारी करके ज्यादा से ज्यादा लोगों से सौदा करना है।
अवैध प्लाॅटिंग रोकने के लिए कलेक्टर के सख्त निर्देश हैं। शिकायतें मिलने पर खसरा ब्लाॅक की कार्रवाई की जाती है। आचार संहिता के कारण यह कार्रवाई बंद नहीं हुई है। दतरेंगा में चल रही अवैध प्लाॅटिंग के मामले में खसरा ब्लॉक करने की कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र कुमार वर्मा, एसडीएम, रायपुर