
Manusmriti Controversy: छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने हिजाब विवाद, मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के बयान, RSS और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हिजाब पहनने को लेकर कहा कि किसी को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। वहीं, मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी पर भाजपा के हमले के बीच सिंहदेव ने कांग्रेस नेता का बचाव किया और कहा कि सच की वजह से कभी अराजकता नहीं फैल सकती।
हिजाब विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी को हिजाब पहनने पर आपत्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में अपने निर्णय के आधार पर फैसला दिया है। संभव है कि इस फैसले के खिलाफ आगे अपील की जाए। सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक और व्यक्तिगत परंपराओं से जुड़े मामलों में अलग-अलग पक्षों की अपनी राय हो सकती है। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की स्थिति तय होगी।
मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भाजपा की ओर से की जा रही आलोचना के सवाल पर सिंहदेव ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि सच की वजह से कभी अराजकता नहीं फैल सकती। सिंहदेव के मुताबिक समस्या तब पैदा होती है, जब किसी बात को तोड़-मरोड़कर लोगों के सामने रखा जाता है। उन्होंने कहा कि जब वास्तविक तथ्य सामने आते हैं, तब लोगों के बीच भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि जो लोग सच को दबाने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि वास्तव में अव्यवस्था का माहौल कौन बना रहा है। सिंहदेव ने गलत जानकारी के जरिए लोगों की भावनाओं को भड़काने के प्रयासों पर भी सवाल उठाया।
अमेरिका में RSS से जुड़े कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर टीएस सिंहदेव ने कहा कि अमेरिका से जुड़ा मामला वहां का आंतरिक विषय है। हालांकि उन्होंने RSS की भूमिका और उसकी बदलती छवि को लेकर अपनी राय रखी। सिंहदेव ने कहा कि पहले RSS को मुख्य रूप से समाजसेवा से जुड़ी संस्था के रूप में देखा जाता था, लेकिन समय के साथ उसकी राजनीतिक छवि अधिक प्रमुख होती गई है। उन्होंने संगठन की गतिविधियों और उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।
समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह धार्मिक रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग समुदायों में कई ऐसी परंपराएं हैं, जिनका पालन लंबे समय से होता आ रहा है।सिंहदेव के मुताबिक जब इन परंपराओं को किसी नई कानूनी व्यवस्था के तहत लाने की कोशिश की जाती है, तो कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में भी ऐसी कई मान्यताएं और परंपराएं हैं, जिन पर UCC लागू होने का असर पड़ सकता है और कुछ लोगों के लिए इसे स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष सोच का मूल विचार यह रहा है कि ऐसी व्यवस्था हो, जिसमें सभी नागरिक एक समान कानून का पालन करें। हालांकि इसे लागू करते समय अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक परंपराओं को लेकर पैदा होने वाली चुनौतियों पर भी विचार करना जरूरी है।
टीएस सिंहदेव के बयान ऐसे समय आए हैं, जब हिजाब, मनुस्मृति और UCC जैसे मुद्दों पर देश की राजनीति में लगातार बहस चल रही है। सिंहदेव ने इन मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष रखते हुए धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक व्यवस्था और सामाजिक परंपराओं के बीच संतुलन की जरूरत पर जोर दिया।