
छत्तीसगढ़ के 64 साल पुराने स्कूल पर संकट (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh School News: राजिम के प्रसिद्ध पंडित रामविशाल पांडेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (सेजेस) में शिक्षकों की भारी कमी ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 64 साल बाद पहली बार विद्यालय में कला संकाय बंद होने की स्थिति निर्मित हो गई है। राजनीति विज्ञान, भूगोल और इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषयों के व्याख्याताओं के पद लंबे समय से रिक्त रहने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जानकारी के अनुसार, इस सत्र से कला संकाय बंद हो गया है।
इस संबंध में पूर्व में भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया जा चुका है। 26 जून को प्रकाशित खबर में विद्यालय में 16 पद रिक्त होने और विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट की बात सामने आई थी। विधानसभा मुख्यालय के इस प्रमुख विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग की है।
विद्यालय दो पालियों में संचालित होता है। पहली पाली सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलती है, जिसमें हिंदी माध्यम की कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। हिंदी माध्यम में शिक्षकों के 24 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 12 पद लंबे समय से रिक्त बताए जा रहे हैं। रिक्त पदों में भूगोल, जीव विज्ञान, संस्कृत, हिंदी, राजनीति विज्ञान और इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इसके अलावा ग्रंथपाल का एक, सहायक ग्रेड-3 का एक और भृत्य के चार पद भी रिक्त हैं। अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों के तीन पद रिक्त हैं, जबकि केवल दो शिक्षक पदस्थ बताए जा रहे हैं। मिडिल स्तर पर भी एक पद खाली है।
राजिम में उच्चतर माध्यमिक शिक्षा का विस्तार आजादी के करीब 14 वर्ष बाद हुआ था। 15 अप्रैल 1962 को कला संकाय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अध्ययन शुरू किया था। उस समय यह क्षेत्र का प्रमुख और जिले का एकमात्र हायर सेकेंडरी विद्यालय था। करीब 100 किलोमीटर दूर-दराज के क्षेत्रों से विद्यार्थी यहां पढ़ने आते थे। कभी विद्यार्थियों से खचाखच भरा रहने वाला यह विद्यालय आज शिक्षकों की कमी के कारण अपना कला संकाय बंद करने की स्थिति में पहुंच गया है।
विद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री संत कवि पवन दीवान, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, राजिम विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, वर्तमान विधायक रोहित साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके ठाकुर सहित अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों ने राजिम क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस विद्यालय ने दशकों तक शिक्षित पीढ़ियां और अनेक जनप्रतिनिधि दिए, उसी विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की कमी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति करने और कला संकाय बंद होने के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर से चर्चा का प्रयास किया गया, लेकिन बताया गया कि वे बैठक में व्यस्त हैं। बाद में भी उनसे संपर्क नहीं हो सका।
विद्यालय में करीब 700 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कई विद्यार्थी प्रवेश के लिए पहुंचे, लेकिन संबंधित विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अन्य विकल्प तलाशना शुरू कर दिया।
वर्तमान में हिंदी माध्यम में कक्षा 11वीं और 12वीं में गणित, विज्ञान और वाणिज्य संकाय संचालित हैं। वहीं अंग्रेजी माध्यम में गणित और विज्ञान संकाय संचालित हो रहे हैं। कला संकाय में इतिहास, राजनीति विज्ञान और भूगोल जैसे विषयों के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों ने इस संकाय में प्रवेश नहीं लिया।
Updated on:
26 Aug 2026 01:48 pm
Published on:
26 Aug 2026 01:47 pm
