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Chhattisgarh News: 14 साल में जर्जर हुआ महानदी पुल, 52 गड्ढों में दिखने लगी सरिया, किनारों पर रेत-गिट्टी का अंबार

Rajim Mahanadi Bridge: रायपुर-गरियाबंद को जोड़ने वाला राजिम का महानदी उच्चस्तरीय पुल बदहाल हो गया है। निर्माण के महज 14 साल बाद ही पुल की सड़क पर 52 से अधिक गड्ढे हो गए हैं और कई जगह सरिया दिखाई देने लगी है।
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Chhattisgarh News

14 साल में जर्जर हुआ महानदी पुल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh Bridge News: राजधानी रायपुर को गरियाबंद जिले से जोड़ने वाला राजिम का प्रतिष्ठित महानदी उच्चस्तरीय पुल इन दिनों बदहाली का शिकार है। करीब 536.90 मीटर लंबे इस पुल पर छोटे-बड़े 52 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर गिट्टी और सीमेंट की परत उखड़ चुकी है, जबकि कुछ जगहों पर सरिया तक दिखाई देने लगी है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के गड्ढों में फंसने से टायर फटने, पंचर होने और वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना हुआ है।

वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महानदी उच्चस्तरीय पुल का लोकार्पण किया था। करीब 20 करोड़ 5 लाख 66 हजार रुपए की लागत से निर्मित इस पुल में कुल 20 स्पान हैं, जिनमें प्रत्येक की लंबाई 20.65 मीटर है। निर्माण के करीब 14 वर्ष बाद ही पुल की सड़क जगह-जगह उखड़ने और गड्ढों में तब्दील होने से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं।

गिट्टी-सीमेंट उखड़ने से दिखाई देने लगी सरिया

पुल पर बने गड्ढों की स्थिति सामान्य नहीं है। कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। गड्ढों में गिट्टी जमा है और नीचे की सरिया भी स्पष्ट दिखाई दे रही है। राहगीरों का कहना है कि पुल की समय पर मरम्मत और बेहतर रखरखाव किया जाता तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। लोगों ने पुल की तत्काल मरम्मत कराने के साथ ही निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

गरियाबंद और पर्यटन क्षेत्रों की प्रमुख कड़ी

महानदी पुल गरियाबंद जिला मुख्यालय सहित छुरा, कोपरा, पांडुका, मैनपुर और देवभोग के साथ ही ओडिशा आने-जाने वाले लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी मार्ग से राजिम के त्रिवेणी संगम, लक्ष्मण झूला, कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, श्रीराजीव लोचन मंदिर सहित क्षेत्र के अनेक धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। वर्षभर इस मार्ग पर यातायात का दबाव बना रहता है, जबकि शनिवार और रविवार को वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है।

क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, राजिम विधायक रोहित साहू तथा पीडब्ल्यूडी के उच्चाधिकारियों से महानदी पुल का तत्काल निरीक्षण कराने, गड्ढों की मरम्मत, बाहर निकली सरिया को सुरक्षित करने और दोनों किनारों की सफाई कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।

दोनों किनारों पर रेत, पत्थर और ईंटों का अंबार

पुल की समस्या केवल गड्ढों तक सीमित नहीं है। दोनों किनारों पर नदी की रेत, धूल, पत्थर, गिट्टी और ईंटें बड़ी मात्रा में जमा हैं। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो रही है और वाहनों के आवागमन में परेशानी बढ़ रही है। बड़े वाहनों की आवाजाही के दौरान एक बाइक सवार ने वाहन किनारे करने का प्रयास किया, लेकिन वहां पड़ी ईंट और गिट्टी के कारण बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल संभाला।

यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130-सी पर स्थित है। इस मार्ग से 24 घंटे भारी वाहनों और निर्माण सामग्री से लदे ट्रकों की आवाजाही होती है। गड्ढों में पहिए पड़ने से वाहनों से रेत, गिट्टी और ईंटें सड़क पर गिरती रहती हैं। नियमित सफाई नहीं होने के कारण यह सामग्री धीरे-धीरे पुल के दोनों किनारों पर जमा होती जा रही है।