Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में हुए दो बड़े हादसों से बाद पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में मंगलवार को दो बड़े हादसों ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। अलग-अलग जिलों में हुए इन दर्दनाक घटनाओं में कुल 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसों के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
दल्लीराजहरा में दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में कार्य करने के दौरान बाजू में सडक़ के ऊपर रखी मिट्टी का ढेर अचानक धंस गया। इससे 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम 5.30 बजे की आसपास की है।
मिट्टी के ढेर में दबे तीनों के शव को जेसीबी के माध्यम से बाहर निकाला गया। मृतकों में किशुन पिता सुकलाल सोरी 54 वर्ष वार्ड 7 टीचर कॉलोनी, राकेश भैंसबोड और बैशाखिन पति शिवकुमार गोड़ उम्र 50 वर्ष निवासी कच्चे दफाई वार्ड शामिल हैं। लोगों के अनुसार ठेकेदार बिजनु राम ने सुरक्षा को नजअंदाज किया।
मजदूर लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में घुसकर बीएससी के पुराने सीवरेज पाइप को बदलकर नई दो पाइप के बीच ज्वाइंट को सीमेंट से भर रहे थे और घटना घट गई। घटना की सूचना मिलते ही कांकेर सांसद भोजनाग मौके पर पहुंचे। मौके पर पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर, एसडीम सुरेश कुमार साहू भी पहुंचे।
जिस जगह घटना घटी, ठीक उसी के बाजू से जल आवर्धन योजना की पाइपलाइन गई है। सडक़ पर पड़ी मिट्टी के दबाव से पहले से जल आवर्धन योजना की पाइप धंसक गई। पाइप और मिट्टी की चपेट में आने से कार्य कर रहे तीनों मजदूर दब गए और उनकी मौत हो गई। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों एवं प्रशासन की मदद से रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों के इतने गहरे गड्ढे में उतारा गया था। न तो सुरक्षा बेल्ट, न हेलमेट और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के लिए कोई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। यह हादसा अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग भी उठ रही है।
भाजपा नेता स्वाधीन जैन ने कहा कि बीएसपी एवं ठेकेदार बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य करा रहे हैं, जिससे लगातार मजदूरों की मौत हो रही है। घटना चाहे माइंस के भीतर हो या बाहर मजदूरों के सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ जा रहा है। पीडि़त के परिजनों को बीएसपी में स्थाई नौकरी देने की मांग प्रबंधन से की है। मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू ने कहा कि बीएसपी लगातार अपने कार्यों में मजदूरों का शोषण कर रहा है। कार्य के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया जाता है।
कुम्हारी थाना क्षेत्र के वार्ड-4, खपरी रोड इलाके में मंगलवार शाम एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। एक झिल्लीनुमा झोपड़ी में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग की लपटों के बीच घर में रखा गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में पिता, उसकी दो जवान बेटियां और एक दो वर्षीय मासूम बच्ची शामिल है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
घटना शाम करीब चार बजे की है। होमदास वैष्णव (40) अपनी बेटियों लक्ष्मी (18), चांदनी (17) और दो वर्षीय पोती गोपिका के साथ झोपड़ी में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संभवतः शॉर्ट-सर्किट की वजह से चिंगारी निकली और प्लास्टिक व झिल्ली से बनी झोपड़ी ने पलक झपकते ही आग पकड़ ली। घर में सूखी लकड़ियां और प्लास्टिक होने के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इसी बीच रसोई में रखे गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली और जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिसने पूरे घर को मलबे और आग के गोले में तब्दील कर दिया।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने और भीतर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी भयावह थीं कि कोई करीब नहीं जा सका। सूचना मिलते ही कलेक्टर अभिजीत सिंह, दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था। पुलिस ने चारों जले हुए शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल रवाना किया।
कुम्हारी थाना प्रभारी पुरुषोत्तम कुर्रे ने बताया कि प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर शॉर्ट-सर्किट को ही आग का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। वैज्ञानिक परीक्षण और घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। इस त्रासदी के बाद पूरे खपरी रोड क्षेत्र में सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है।
कुम्हारी में एक कच्चे मकान में आग लगने से परिवार के चार लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। प्राथमिक जांच के अनुसार, शॉर्ट-सर्किट से आग भड़की और उसके बाद गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से हादसा गंभीर हो गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।"