
Chhattisgarh News: पीलूराम साहू की रिपोर्ट.पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में एक 73 वर्षीय बुजुर्ग का वॉल्व रिप्लेसमेंट कर नया जीवन दिया गया। बुजुर्ग का हार्ट केवल 15 फीसदी पंप कर रहा था। ज्यादा उम्र में ऑपरेशन क्रिटिकल था, फिर डॉक्टरों की टीम ने सफल सर्जरी की। तीनों कोरोनरी धमनियों में ब्लॉकेज के साथ गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस जटिल ऑपरेशन किया गया। मरीज का ऑपरेशन प्रोफेसर व एचओडी डॉ. कृष्णकांत साहू व टीम ने किया।
डॉ. साहू ने बताया कि बुजुर्ग घर पर अचानक बेहोश होने के बाद कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग एवं एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट किया। मरीज पहले से बेहतर है। मरीज को ट्रामा सेंटर में जब लाया गया, तब उसकी हृदय गति रुक चुकी थी। आपातकालीन विभाग की टीम ने तत्काल कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एवं डीसी शॉक व डिफिब्रिलेशन दिया।
हार्ट की असामान्य व जानलेवा धड़कनों को ठीक करने के लिए ये प्रक्रिया अपनाई जाती है। हार्ट की धड़कन वापस आने के बाद मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया। मरीज की तीनों प्रमुख कोरोनरी धमनियों में ब्लॉकेज था तथा एओर्टिक वाॅल्व में गंभीर सिकुड़न थी। ऑपरेशन से पहले मरीज को लगभग 23 दिनों तक कार्डियक सर्जरी आईसीयू में रखकर उसकी स्थिति को स्थिर करने का प्रयास किया गया।
मरीज को एक्यूट किडनी इंजरी (किडनी फेल्योर) की समस्या भी हुई और कुछ समय के लिए पेशाब का आना बंद हो गया था। मरीज की उम्र, हाल ही में हुए कार्डियक अरेस्ट, सीपीआर के बाद बेहद कम हृदय की पंपिंग क्षमता, तीनों कोरोनरी धमनियों में ब्लॉकेज तथा गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस को देखते हुए ऑपरेशन अत्यंत जोखिमपूर्ण था। डॉ. साहू ने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए उसका कोरोनरी धमनी बायपास ग्राफ्टिंग किया गया। हृदय की बंद कोरोनरी धमनियों में वेन एवं आर्टरी कंड्यूट का उपयोग करते हुए बायपास बनाया गया। इसके बाद गंभीर रूप से संकुचित एओर्टिक वाल्व को हटाकर टाइटेनियम से निर्मित बायलीफलेट मैकेनिकल एओर्टिक वाॅल्व रिप्लेसमेंट किया गया। मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया गया।
कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, परफ्यूजिनिस्ट अंकिता श्रीवास्तव व दिगेश्वर, रेसीडेंट डॉक्टर डॉ. पल्लवी यादव, ओटी नर्सिंग स्टाफ राजेन्द्र साहू, नूतन, नरेंद्र, मुनेश, चोवा, दुष्यंत, तेजश्री, एनीस्थीसिया टेक्नीशियन भूपेंद्र, हरीश, निराकार, सरिता, खेमसिंह, रोजलिन। आईसीयू नर्सिंग स्टाफ तेजेन्द्र, भावना, शिबा, जागृति।