Watermelon Death Case: तरबूज क्या सच में जानलेवा हो सकता है। पत्रिका ने कुछ डॉक्टरों से बात की। बताया कि लाल चटक व मीठा करने के लिए तरबूज में एरिथ्रोसिन-बी इंजेक्शन लगा रहे हैं, जो…
Watermelon Death Case: पीलूराम साहू. तरबूज का लाल चटक व मीठा करने के लिए एरिथ्रोसिन-बी या कार्बाइड इंजेक्शन लगाने का मामला कोई नई बात नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार यह हानिकारक केमिकल है और इससे फूड पाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं इससे लूज मोशन, उल्टी व पेट में इंफेक्शन भी हो सकता है। तरबूज को खाने के पहले जरूरी सावधानी बरतें तो फूड पाइजनिंग से बचा जा सकता है। प्रदेश के जांजगीर-चांपा में तरबूज व चिकन खाने के बाद एक बालिका की मौत सवालों के घेरे में है। हाल ही में मुंबई में भी एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई है। हालांकि इस मामले में तरबूज में चूहामार दवा जिंक फास्फाइड मिलने की पुष्टि हो चुकी है।
पत्रिका ने इस संबंध में डॉक्टरों व फोरेंसिक एक्सपर्ट से जाना कि तरबूज को किन परिस्थितियों में खाने से नुकसान हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार एरिथ्रोसिन व कार्बाइड इंजेक्ट करने से तरबूज मीठा या चटक लाल तो हो जाता है, लेकिन यह ऑर्गन फेल भी कर सकता है। तरबूज जमीन पर उगता है। बिना धोए काटने से छिलके पर लगा साल्मोनेला/लिस्टेरिया बैक्टीरिया अंदर चला जाता है। चूंकि तरबूज में पोटेशियम की मात्रा बहुत अधिक मात्रा में होती है। इससे किडनी के मरीज को हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है। किडनी खराब होने पर वह खून से अतिरिक्त पोटैशियम को बाहर नहीं निकाल पाती। तरबूज के ज्यादा सेवन से खून में पोटैशियम का स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिसे हाइपरकेलेमिया कहा जाता है।
मेडिसिन आंबेडकर अस्पताल के सीनियर प्रोफेसर ने डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि तरबूज खाने के बाद किसी भी तरह के साइड इफेक्ट हुआ है या नहीं, यह मरीज के लक्षण पर निर्भर करता है। खाने के बाद पेट में इंफेक्शन, लूज मोशन या उल्टी होने से फूड पाइजनिंग का मामला हो सकता है। गर्मी के दिनों के लिए तरबूज खाना एक बेहतर विकल्प है। हालांकि इसे खरीदते व खाते समय जरूरी सावधानी बरतने से यह शरीर को पोषण देता है। किडनी के मरीज ज्यादा तरबूज न खाएं। इससे खून में पोटेशियम की मात्रा बढ़ जाती है और हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है।
नेहरू मेडिकल कॉलेज के सीनियर फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सत्यनारायण मांझी ने बताया कि जांजगीर-चांपा केस के मामले में लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि होगी कि तरबूज में कुछ मिला है या नहीं। बाजार से तरबजू लेते समय जरूरी सावधानी बरतें। लाल चटक व ज्यादा मीठा तरबूज खतरे की घंटी है। दाग वाले तरबूज लेना ज्यादा समझदारी है। केमिकल की बदबू आए तो इसे न खाएं। नष्ट कर दें।