Chhattisgarh Weather Update: रायपुर में भीषण गर्मी के बीच तबारिश हहुई। साथ ही अचानक घने बादल छाए और पचपेड़ी नाका, रेलवे स्टेशन व बोरियाखुर्द समेत कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ीं।
Weather News: प्रदेश में भीषण गर्मी और नौतपा के प्रकोप के बीच मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। रायपुर में बुधवार दोपहर को मौसम का मिजाज बदला और कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। मात्र 20 मिनट के भीतर शहर में 9 मिलीमीटर पानी बरस गया। हालांकि, इस दौरान शहर के आधे हिस्से में ही पानी गिरा, जबकि बाकी इलाके सूखे रहे, जिससे वहां उमस ने लोगों को जमकर छकाया।
मौसम विभाग के अनुसार, 29 मई से पूरे प्रदेश में अंधड़ और बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। बुधवार दोपहर 2 बजे तक तीखी धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर रखा था। दोपहर ढाई बजे के बाद अचानक घने बादल छाए और पचपेड़ी नाका, रेलवे स्टेशन व बोरियाखुर्द समेत कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ीं।
वहीं आमानाका, डीडी नगर और टाटीबंध जैसे क्षेत्रों में केवल बूंदाबांदी होकर रह गई। रायपुर के अलावा पेंड्रारोड और जगदलपुर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम बदलने से राजधानी के तापमान में आंशिक गिरावट आई है। बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री रहा, जो मंगलवार के मुकाबले एक डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से डेढ़ डिग्री अधिक यानी 29.3 डिग्री दर्ज किया गया।
दुर्ग 45.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म, अगले दो दिन बाद मिलेगी बड़ी राहतमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ (रायपुर-दुर्ग संभाग) के कुछ जिलों में लू की स्थिति बनी रह सकती है और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। लेकिन इसके बाद, यानी 29 मई से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आएगी। तेज हवाओं और बारिश के कारण लू का असर खत्म हो जाएगा और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी, हालांकि बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से उमस परेशान कर सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अभी केरल नहीं पहुंचा है, इसलिए प्रदेश में इसके जल्द आगमन की संभावना कम है। पिछले साल मौसम विभाग ने 28 मई को ही दंतेवाड़ा में मानसून पहुंचने की घोषणा कर दी थी, लेकिन वहां बारिश नहीं हुई। बाद में मानसून को रायपुर पहुंचने में 20 दिन लग गए थे, जिस पर मौसम जानकारों ने विभाग की जल्दबाजी पर गंभीर सवाल उठाए थे।
दुर्ग 45.5 28.4
राजनांदगांव 44.8 27.0
माना 44.3 29.6
रायपुर 43.6 29.3
बिलासपुर 43.6 29.2
पेंड्रारोड 42.2 27.0
अंबिकापुर 42.1 26.0
जगदलपुर 39.5 27.5