रायपुर

आखिर क्यों महिलाओं के नाम पर तेजी से खरीदी जा रही संपत्ति? एक साल में 55% बढ़ीं रजिस्ट्रियां, जानें वजह

Women Property Buyers: प्रदेश में मकान-जमीन की खरीदारी को लेकर एक नया ट्रेंड सामने आया है। अब पहले की तुलना में ज्यादा परिवार महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीद रहे हैं। पिछले एक साल में महिला खरीदारों की संख्या में 55 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है।
2 min read
• •
Updated: 7 Nov 2026, 12:02 PM IST
Chhattisgarh News
रजिस्ट्री दफ्तर में लोग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@संतराम साहू। Property Registration: दिवाली के त्योहार पर जब परिवार घर-आंगन को रोशन करने और नई खुशियां खरीदने में जुटे हैं, तब प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की एक नई तस्वीर सामने आई है। प्रदेश में धन लक्ष्मी की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। यह इजाफा राज्य शासन द्वारा महिलाओं को संपत्ति की रजिस्ट्री में दी गई शुल्क रियायत का है। मकान-जमीन खरीदी की रजिस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। अब पहले की तुलना में अधिक परिवार मकान और जमीन महिलाओं के नाम पर खरीद रहे हैं।

53 हजार 909 रजिस्ट्रियों में धनलक्ष्मी

पंजीयन विभाग की जिला-वार रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 6 मई से 3 नवंबर के बीच प्रदेश में कुल 1 लाख 7 हजार 32 विक्रय पत्रों का पंजीयन हुआ था। इनमें 34 हजार 708 रजिस्ट्री ऐसी थीं, जिनमें महिला खरीदार थीं। कुल रजिस्ट्रियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 32.43 फीसदी थी। वहीं, रिपोर्ट में दर्ज इस साल की समान अवधि में कुल 1 लाख 27 हजार 106 विक्रय पत्र पंजीकृत हुए। इनमें 53 हजार 909 रजिस्ट्रियों में महिलाएं खरीदार बनीं। इस तरह महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 42.41 फीसदी हो गई। यानी एक साल में महिला खरीदारों की हिस्सेदारी में करीब 10 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई।

एक साल में 55 फीसदी बढ़ीं महिला खरीदार

सबसे खास बात यह है कि महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्रियों में केवल हिस्सेदारी ही नहीं बढ़ी, बल्कि उनकी संख्या में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में महिला खरीदारों की संख्या 34,708 से बढ़कर 53,909 हो गई। यानी करीब 55.3 फीसदी की वृद्धि हुई।

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर सबसे आगे

जिला-वार आंकड़ों में राजधानी रायपुर सबसे आगे है। यहां 12,160 रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम पर खरीदार के रूप में दर्ज है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 7,999 था। दुर्ग में 7,755 रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम पर हुईं, जबकि बिलासपुर में 5,487 महिलाओं ने संपत्ति खरीदी। महिलाओं की कुल रजिस्ट्रियों में हिस्सेदारी के मामले में दुर्ग जिला 53.89 फीसदी के साथ आगे रहा। बिलासपुर में यह हिस्सेदारी 47.29 फीसदी और रायपुर में 48.61 फीसदी दर्ज की गई। जांजगीर-चांपा में भी महिला खरीदारों की संख्या 1,985 से बढ़कर 3,477 पहुंच गई।

महिलाओं को 142.35 करोड़ रुपए का लाभ

पंजीयन शुल्क में रियायत के चलते कुल 142 करोड़ 35 लाख 38 हजार 631 रुपए का अनुमानित लाभ मिला है। इसमें राजधानी रायपुर में सर्वाधिक 48.78 करोड़ रुपए का लाभ दर्ज किया गया। दुर्ग में करीब 25.17 करोड़ और बिलासपुर में 16.36 करोड़ रुपए का लाभ हुआ। इस तरह सरकार की रियायत से संपत्ति खरीदने वाले परिवारों को आर्थिक राहत मिली है।

Updated on:
7 Nov 2026, 12:02 PM IST
Published on: