
Raisen News - वर्तमान दौर में नजदीकी रिश्तों का कैसे गला घोंटा जा रहा है इसका एक और उदाहरण सामने आया है। रायसेन जिले के देवनगर में 6 अगस्त की सुबह एक युवती का शव मिला। श्मशान घाट के समीप तलैया में मिली लाश की पहेली को पुलिस ने 12 घंटे में ही सुलझा लिया। पुलिस के अनुसार हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतका का देवर रेवाराम उर्फ हल्कू ही था। उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। हल्कू ने ही पुलिस को घटना की सूचना दी थी। उसने बताया कि रात 2 बजे जैसे ही भाभी मोबाइल लेकर घर से निकली, वह पीछे गया और उनकी हत्या कर दी। 30 वर्षीय युवती की लाश सुबह मिली।
घटना स्थल पर मिले शव को देखते ही पुलिस ने इसे हत्या मानकर जांच पड़ताल श़ुरू की थी। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, साक्षियों के कथन और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने रेवाराम उर्फ हल्कु को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपनी भाभी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया। उसने व्यक्तिगत शंका एवं पारिवारिक विवाद को हत्या की वजह बताया।
एसडीओपी सोनाली गुप्ता के अनुसार आरोपी ने घटना में इस्तेमाल रस्सी को घटनास्थल से दूर झिरनिया रोड, विदिशा के धान के खेत में फेंक दिया था। वहीं मृतका का मोबाइल श्मशान घाट के पास पानी की तलैया में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दोनों महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए।
संपूर्ण जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना देवनगर में प्रकरण दर्ज कर उसे अरेस्ट किया। अंधे कत्ल के त्वरित खुलासे में एसडीओपी सोनाली गुप्ता, थाना प्रभारी हरिओम अस्ताया सहित देवनगर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बेलना महलपुर गांव में रहनेवाली 30 वर्षीय आरती की देवर रेवाराम उर्फ हल्कू ने रस्सी से गला घोंटकर हत्या की और शव को श्मशान घाट के पास फेंक दिया। देवनगर पुलिस के मुताबिक शव में गले पर निशान मिले थे और पोस्टमॉर्टम में भी हत्या की पुष्टि हो गई थी। जांच के दौरान पता चला कि आरती रात करीब 2 बजे घर से निकली थी जबकि हल्कू ने बताया कि वह करीब 4 बजे निकली। समय के इसी अंतर के आधार पर आरोपी पर शक हुआ। चरित्र और पारिवारिक विवाद में उसने रस्सी से आरती का गला घोंट दिया।