
Rajgarh News :मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले कुरावर की ग्राम पंचायत पीलूखेड़ी में शनिवार को निर्माणाधीन सीमेंट-कंक्रीट सड़क पर बड़ा हादसा हो गया। सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही मिक्सर लिफ्ट मशीन के ऊपर से निकल रही 11 केवी विद्युत लाइन के संपर्क में आ गई। करंट की चपेट में आने से 2 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 5 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। फिलहाल, घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीलूखेड़ी में लालबाग से पंचायत भवन तक पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की पांचवें वित्त योजना के तहत करीब 11 लाख रुपए की लागत से 700 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पिछले चार-पांच दिनों से चल रहा है। शनिवार की दोपहर में सड़क निर्माण के दौरान मिक्सर लिफ्ट मशीन को ऊपर उठाया गया, तभी वो 11 केवी विद्युत लाइन से टकरा गई। बिजली करंट लगने से हंडकंप मच गया।
हादसे में शहजाद निवासी पीपलखेड़ा और सलमान पिता इब्राहिम निवासी साहूखेड़ी की करंट लगने से मौत हो गई। वहीं, इकबाल पिता इब्राहिम निवासी शाहुखेड़ी, अरमान पिता बबलू खां, दानिश पिता जमील, उस्मान और जमील पिता नासिर, सभी निवासी मेंगलदीप घायल हुए हैं। घायलों को नगर के गवली अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक मोहन शर्मा अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक घायल और मृतकों को भोपाल ले जाया जा चुका था। नायब तहसीलदार सुनीता कुमारी और थाना प्रभारी जितेंद्र मवई भी अस्पताल पहुंचे। गवली अस्पताल के डॉ. नरेश गवली ने बताया कि, घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है, लेकिन उनकी स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें भोपाल लेकर रवाना हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि, निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही मिक्सर लिफ्ट मशीन की ऊंचाई करीब 14 फीट थी, जबकि 11 केवी लाइन भी सड़क से लगभग 14 फीट की ऊंचाई पर ही थी। निर्माणाधीन सड़क पर करीब दो फीट मुरम डाली जा चुकी थी। ऐसे में सड़क की सतह ऊंची होने के बाद मशीन और विद्युत लाइन के बीच दूरी और कम हो गई। साथ ही जिम्मेदारों ने भी निर्माण के दौरान बिजली सप्लाई बंद कराने की जहमत नहीं उठाई। मशीन ऊपर उठाते ही बिजली तार के संपर्क में आ गई और मजदूर करंट की चपेट में आ गए।
बताया जा रहा है कि, अनंत चतुर्दशी के चलते एक दिन पहले रातभर बिजली रहने के कारण शनिवार दिन में इलाके की बिजली बंद थी। इसी वजह से मजदूर बिना किसी आशंका के काम कर रहे थे। बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद मशीन के लाइन से संपर्क में आते ही हादसा हो गया। शायद जिम्मेदारों ने ध्यान दिया होता बिजली सप्लाई बंद करा देते तो दो जिंदगियां बच जाती।
बताया जा रहा है कि, घटना में जिन 2 लोगों की मौत हुई है। उन्हें जैसे ही स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, परिजन बिना किसी को सूचना दिए दोनों शवों को लेकर अस्पताल से चले गए। ऐसे में पूरे अस्पताल में हंड़कंप मच गया। डॉक्टर और पुलिस शवों और परिजन को ढूंढते रहे, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। मृतकों का पोस्टमार्टम नहीं होने से पुलिस मामले में मर्ग कायम भी नहीं कर सकी। इधर, खबर लिखे जाने तक पुलिस मृतकों के परिजन को तलाश करने में जुटी हुई है।
कुरावर विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ अभियंता सत्येंद्र सिंह ने बताया कि, घटनास्थल पर 11 केवी लाइन की ऊंचाई निर्धारित मापदंड के अनुसार है। सड़क पर मुरम डाले जाने से जमीन की सतह ऊंची हो गई, जिससे लाइन की ऊंचाई अपेक्षाकृत कम हो गई।
कुरावर थाना प्रभारी जितेंद्र मवई का कहना है कि, घटना की सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंच गई थी। मौके का मुआयना कर लिया गया है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।