
Rajgarh News : मध्य प्रदेश के राजगढ़ में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के परेशान माता-पिता साथ में कटी हुई मक्का से भरा ट्रैक्टर लेकर बुधवार को सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। परिवार ने पुलिस अधिकारियों के सामने ट्रैक्टर में भरी मक्का दिखाते हुए कहा- साहब, हम 19 लाख रुपए का झगड़ा देने की स्थिति में नहीं हैं। इसी वजह से गांव में हमारी मक्का काटी जा रही है। रोज फसल काटने का दबाव बना हुआ है। अब गांव वापस जाने में भी डर लगता है, हमें बचा लो।
ये अजीबो गरीब मामला जिले के भोजपुर थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले देवाखेड़ी गांव का है। परिवार के मुताबिक, गांव में हुए विवाद के बाद पंचायत में फसल के नुकसान और झगड़े की राशि मिलाकर 19 लाख रुपए देने का फैसला हुआ था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ है। इसके बाद से उन पर लगातार राशि देने का दबाव बनाया जा रहा है।
परिवार का आरोप है कि, राशि नहीं दे पाने के चलते झगड़ा मांगने वाले लोग उनकी मक्का काट रहे हैं। पीड़ित परिवार का ये भी कहना है कि, गांव में जिन किसानों की मक्का कटाई हो रही है, उनके माध्यम से भी परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। रोज फसल काटे जाने से परिवार के सामने आर्थिक नुकसान के साथ सुरक्षा का संकट भी खड़ा हो गया है।
बालिका के माता-पिता के अनुसार, बालिका का विवाह बचपन में ही दबाव के बीच करवा दिया गया था। विवाह के बाद सामने आए विवाद और रंजिश को लेकर गांव में पंचायत हुई थी। इसी पंचायत में फसल के नुकसान और झगड़े की राशि मिलाकर 19 लाख रुपए देने की बात तय होने की जानकारी परिवार ने दी है। परिवार का कहना है कि, वो मजदूरी और खेती के सहारे जीवनयापन करता है। ऐसे में 19 लाख रुपए की राशि देना उसके लिए संभव नहीं है। राशि नहीं दे पाने के बाद विवाद लगातार बढ़ता गया और अब मामला फसल काटे जाने और परिवार की सुरक्षा तक पहुंच गया है।
परिवार ने अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने के लिए अलग तरीका अपनाया है। वे खेत से कटी हुई मक्का ट्रैक्टर में भरकर एसपी कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों को मक्का दिखाते हुए परिवार ने अपनी परेशानी बताई और गांव में वापस जाने पर सुरक्षा को लेकर आशंका जताई। परिवार का कहना है कि, अगर इसी तरह फसल काटी जाती रही तो उनके सामने आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर फसल काटे जाने की स्थिति में कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
माता-पिता के साथ एसपी कार्यालय पहुंची 15 वर्षीय बालिका ने भी परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। परिवार के अनुसार, विवाद के चलते गांव का माहौल उनके लिए तनावपूर्ण बना हुआ है। उनका कहना है कि पहले भी उनके साथ मारपीट की स्थिति बन चुकी है, इसलिए अब गांव लौटने में डर लग रहा है। पूरे मामले में एक नाबालिग बालिका के बचपन में विवाह किए जाने का आरोप भी सामने आया है। इसके बाद पंचायत में हुए फैसले, 19 लाख रुपए के झगड़े की मांग और अब फसल काटे जाने के आरोप ने मामले को गंभीर बना दिया है।
राजगढ़ की अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के समन्वयक मनीष दांगी का कहना है कि, उक्त मामला चूंकि नाबालिग बालिका से जुड़ा है, ऐसे में इसकी गंभीरता से जांच करते हुए जेजे एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत लागू प्रावधानों में प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, बालिका की सुरक्षा और उसके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।