राजगढ़

आंगनबाड़ी भर्ती में धोखाधड़ी! अभ्यर्थियों ने झारखंड-उत्तराखंड बोर्ड की फेक मार्कशीटें की जमा

MP News: आंगनबाड़ी भर्ती के दौरान संदिग्ध बोर्ड की मार्कशीटें जमा होने का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग को भेजकर जांच शुरू कर दी है।
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Oct 31, 2025
Anganwadi workers recruitment fake marksheets submitted mp news
Anganwadi workers recruitment fake marksheets submitted (फोटो- सोशल मीडिया)

MP Anganwadi workers recruitment: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की भर्ती के लिए राजगढ़ जिले के अभ्यार्थियों ने ऐसे बोर्ड की अंकसूचियां लगा दीं, जिनकी मान्यता पर ही संदेह है। खिलीचपुर से ऐसे विभिन्न बोर्ड की आठ अंकसूचियों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी गई है। जिन पर विभाग को संदेह है। अब शिक्षा विभाग उनकी जांच करेगा। अन्य विकासखंडों से भी ऐसी जानकारी सामने आ रही है। (MP News)

पत्रिका ने सबसे पहले उजागर किया मामला

दरअसल, राजगढ़ जिला मुख्यालय पर पहले कर्नाटक और बाद में दिल्ली बोर्ड की फर्जी अंकसूची का मामला सामने आया। जिसमे कोतवाली और खिलीचपुर पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था। अब उन्हीं संदेहास्पद अंकसूचियों को इस भर्ती में लगा दिया गया। जिसकी जांच प्रशासन कर रहा है। हालांकि पत्रिका ने सबसे पहले यह फर्जीवाड़ा उजागर किया था। जिसमें व्यापक स्तर पर फर्जी अंकसूची लगाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर कैस बना था।

प्रशासन ने शुरू की जांच

अब प्रशासन ने सत्यापन और जांच की प्रक्रिया शुरू की। जिसके तहत सामने आई आपत्तियों के बाद अब महिला बाल विकास विभाग ने उन संदिग्ध अंकसूचियों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी है। विभाग अपने स्तर पर उन संबंधित बोर्ड की मान्यता का पता लगाएगा। यदि वे अंकसूचियां गड़बड़ या फर्जी निकली तो नियमानुसार भर्ती रद्द मानी जाएगी।

आपत्तियों के बाद खाली किए गए पद

आंगनाबड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती में खिलचीपुर परियोजना ने आठ मामले पाए है। कुल 57 आपत्तियों के बाद 9 पद खाली रखे गए है और 8 में अंकसूची पर संदेह है। संबंधित चयनित अभ्यार्थी ने जो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं की अंकसूची लगाई है। उसी की जांच करने के लिए परियोजना अधिकारी ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। इस पर जिला शिक्षा विभाग पूरी विस्तृत जांच करेगा और उनके संबंधित बोर्ड का भी पता लगाएगा।

हालांकि इससे पहले दिल्ली बोर्ड की जांच करने कोतवाली थाना पुलिस पहुंची थी, लेकिन उन्हें दिल्ली में ऐसा कोई बोर्ड नहीं मिला था। इसी आधार पर फर्जीवाड़े की कार्रवाई संबंधित कम्प्यूटर सेंटर्स संचालक राजू और कुणाल मेवाड़े के खिलाफ की थी, हालांकि दोनों अभी फरार है।

इसी भर्ती के लिए सक्रिय रहता है गिरोह

राजगढ़ जिले में रुपए लेकर विभिन्न बोर्ड की फर्जी अंकसूची बनाने वाला गिरोह काम करता है, जिस पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं हुई है। यह गिरोह 50 हजार रुपए तक की राशि लेकर 10-12वीं की अंकसूची बनवाता है, बीते सालों में हुई भर्तियो में भी ऐसी गड़बड़ियां हुई है। इसमें राजगढ़ के एक कम्प्यूटर सेंटस संचालक भाइयों पर एफआइआर हो चुकी है। कोतवाली सहित खिलचीपुर थाने में भी मामला दर्ज है लेकिन दोनों ही थाना पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ के साथ ही जीरापुर, खिलचीपुर क्षेत्र में यह गड़बड़ी ज्यादा होती है।

अंकसूचियां भेजी गई है

जो अंकसूचियां अभ्यार्थियों ने यहां लगाई है, वे विभिन्न जगह से बनवाई गई हैं, जहां मान्यताएं है ही नहीं हैं। इस संबंध में आई आपत्तियों के बाद हमने आठ मामलों में अंकसूचियां राजगढ़ शिक्षा संबंचित मार्कशीट जिस बोर्ड से बनीं है उसकी जांच करना है, सत्यापन होना है। सत्यापन के बाद ही उक्त भर्ती की मान्य किया जाएगा। विभाग को भेजी हैं। - प्रतिभा साहू, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग,राजगढ़

इन बोर्ड से बनीं मार्कशीट की जांच होगी

  • उत्तराखंड ओपन स्कूल देहरादून
  • राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा बोर्ड
  • उत्तराखंड ओपन स्कूल देहरादून
  • झारखंड स्टेट ओपन स्कूल
  • साउथवेस्ट बोर्ड ऑफ हायर
  • एजुकेशन इंडिया
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय
  • दो अन्य बोर्ड की मार्कशीट
  • जांच करने लिखा गया पत्र
Published on:
31 Oct 2025 10:05 am