
man missing 22 years found in kupwara kashmir family reunion (AI-IMAGE)
mp news: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से करीब 22 साल पहले वर्ष-2004 में लापता हुआ युवक अब कश्मीर में मिला। वह कश्मीर के कुपवाड़ा में था। 22 साल बाद जब युवक घर लौटा तो उसे देख पत्नी के आंसू झलक उठे, बेटा भावुक हो गया और अपनी बेटी को गोद में लेकर दादा से मिलाया। खिलचीपुर-भोजपुर के भूमरिया गांव निवासी युवक 22 साल पहले अचानक लापता हो गया था। परिजन ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी और ढूंढ़ने का प्रयास किया लेकिन पता नहीं चल पाया। भटकते-भटकते वह कश्मीर में चला गया। इतने दिन वह कहां रहा यह किसी को नहीं पता। वर्ष 2025 में उसे श्रीनगर के मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया तो वहां उसकी याददाश्त आने लगी। इसके बाद उससे पुलिस ने पूछा तो धीरे-धीरे उसने पता बताया। उसी आधार पर संपर्क कर उसे 15 फरवरी को राजगढ़ लाया गया।
अपने पति श्याम (परिवर्तित नाम) को 22 साल बाद देखकर पत्नी की आंखें भर आईं। वह तब से ही अपने भाई के यहां संवासड़ा (कालीपीठ) रह रही थी। पत्नी ने लंबा इंतजार अपने पति के लिए किया और दूसरी शादी नहीं की। बच्चा बड़ा हो गया, उसकी शादी कर दी, अब उसकी भी बेटी है। पिता जिस बच्चे को 2 साल का छोड़कर गया था, अब वह 24 साल का हो गया। वह अपनी मां के साथ मामा के यहां संवासड़ा में रहा। तीन साल पिता श्याम को ढूंढ़ने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिला तो मृत समझकर उम्मीद छोड़ दी थी। अब जब पिता श्याम वापस लौटा तो मानो पूरे परिवार की खुशियां लौट आईं।
लापता श्याम ने मेंटल हॉस्पिटल श्रीनगर में अपने घर का पता बताया तो कश्मीर की कुपवाड़ा पुलिस ने खिलचीपुर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने कोटवार के माध्यम से जानकारी जुटाई। जैसे ही परिजन को पता चला कि श्याम जीवित है और उसे लाना है तो सब आश्चर्य चकित रह गए। 22 साल पहले लापता हुआ श्याम अब 44 वर्ष का हो गया है। उसका दो साल का बेटा भी 24 साल का हो गया। श्याम भटकते-भटकते कश्मीर के कुपवाड़ा पहुंच गया था। पुलिस ने उसकी दिमागी हालत देखते हुए मेंटल हॉस्पिटल श्रीनगर में छोड़ दिया था। जहां डॉ. मारिया जहूर (मानसिक रोग विशेषज्ञ) और समाजसेवी साथ डॉ. सज्जाद उर रहमान बट्ट ने उसका उपचार किया। धीरे-धीरे वह सब बताने लगा। मानसिक स्थिति में सुधार हुआ तो डॉक्टरों को पता चला कि यह एमपी के राजगढ़ जिले का है। जिसके बाद श्याम की घर वापसी हुई।
जैसे ही श्याम पुलिस के साथ घर लौटा तो परिजन के आंसुओं ने खुशी का प्रमाण दे दिया। संवासड़ा निवासी श्याम के साले ने बताया कि हमने जीजा को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किया लेकिन हमें सफलता नहीं मिली, हम उम्मीद छोड़ चुके थे। वहीं 24 साल के बेटे ने बताया कि जब पापा घर से गए थे तब में महज 2 साल का था। आज मेरी उम्र 24 साल की है और मेरी भी एक बेटी है। उस समय मेरी आंखे पापा के घर आने का रास्ता देखती थीं। जैसे जैसे में बड़ा होता गया तो मुझे पता चला कि अब मेरे पापा लौटकर कभी नहीं आने वाले। पत्नी बताती हैं कि इनके चले जाने के बाद मैंने किस तरह इनके घर वापस आने का इंतजार किया है ये मैं ही जानती हूं। यह ईश्वरीय कृपा और किसी चमत्कार से कम नहीं है।
Published on:
17 Feb 2026 07:55 pm
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