
Shyampur-Kurawar section trial: वर्षों से रेल सेवा का इंतजार कर रहेमध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कुरवार क्षेत्रवासियों के लिए शुक्रवार उम्मीदों भरा दिन साबित हुआ। भोपाल-रामगंजमंडी नई रेल लाइन परियोजना (Bhopal-Ramganj Mandi Rail Line Project) के तहत श्यामपुर-कुरावर के बीच नवनिर्मित 13.70 किलोमीटर रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया। निरीक्षण और ट्रायल की सफलता के बाद क्षेत्र में जल्द रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
रेल संरक्षा आयुक्त ने श्यामपुर एवं कुरावर स्टेशन यार्ड का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद पूरे रेलखंड का तकनीकी परीक्षण किया। मोटर ट्रॉली के माध्यम से ट्रैक, पुल समपार फाटक, सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणाली सहित विभिन्न संरचनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। इसके बाद विशेष ट्रेन से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया गया। निरीक्षण के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी सहित निर्माण एवं तकनीकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीआरएम ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद भोपाल और कोटा मंडल के बीच सीधी एवं सुगम रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी लाभ मिलेगा।
276 किलोमीटर लंबी भोपाल-रामगंजमंडी रेल परियोजना मप्र राजस्थान के पांच जिलों भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा को जोड़ेगी। परियोजना पूरी होने पर भोपाल से कोटा के बीच यात्रा समय में तीन घंटे की बचत होगी। वहीं वर्तमान ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग की तुलना में नया रेल मार्ग 42 किलोमीटर छोटा होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार भोपाल मंडल में निशातपुरा डी केबिन से कुरावर तक करीब 56 किलोमीटर रेलखंड का कार्य और सीआरएस निरीक्षण पूरा हो चुका है। शेष सोनकच्छ- नरसिंहगढ़ एवं ब्यावरा सोनकच्छ खंड को वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि निर्माण कार्य तय समय पर पूर्ण हुआ तो जनवरी 2027 तक भोपाल-कोटा रेल मार्ग पर नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है।
विशेष निरीक्षण ट्रेन के कुरावर पहुंचने पर स्टेशन परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बच्चे स्टेशन पहुंचे तथा वर्षों पुराने रेल संपर्क के सपने को साकार होता देख उत्साहित नजर आए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि रेल सेवा शुरू होने से व्यापार, शिक्षा, रोजगार और आवागमन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेगी।
पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी ने पत्रिका को बताया कि श्यामपुर-कुरावर रेलखंड का निरीक्षण एवं ट्रैक का भौतिक सत्यापन किया गया है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जहां-जहां काम शेष है, वहां तेजी से कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिसंबर 2026 तक लंबित कार्य पूरे हो जाएंगे। इसके बाद जनवरी 2027 से भोपाल-कोटा के बीच रेल कनेक्टिविटी शुरू होने की संभावना है। त्यागी ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, यात्रा समय में करीब तीन घंटे की बचत होगी तथा माल परिवहन भी अधिक सुगम और तेज हो सकेगा।