राजगढ़

खतरे में 500 परिवारों की जान, 400 मीटर की दूरी पर जमा है ‘विस्फोटक भंडारण’

MP News: यहां रहने वाले लगभग 500 परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
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Sep 18, 2025
प्रतिकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: पत्रिका)
प्रतिकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: पत्रिका)

MP News: पार्वती-रेसई डेम परियोजना के डूब क्षेत्र के विस्थापित परिवारों पर सुरक्षा का खतरा मंडरा रहा है। यहां विस्फोटक भंडारण होने से करीब पांच सौ परिवारों की जान खतरे में है। जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह से अनजान बना हुआ है। नरसिंहगढ़ से आगे भोपाल रोड पर तीज बड़ली के समीप जिस जगह पर यह कॉलोनी बसाई गई है, उससे महज 300-400 मीटर की दूरी पर ही विस्फोटक भंडारण (डिपो) स्थापित है।

इस कारण यहां रहने वाले लगभग 500 परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कॉलोनी की बसाहट के दौरान राजस्व ओर जल संसाधन विभाग के जिम्मेदारों ने भी यहां ध्यान नही दिया। जबकि कॉलोनी की बसाहट के बाद रहवासी नियमानुसार विस्फोटक भंडारण को हटाने की मांग कर रहे हैं।

निजी भूमि पर बना भंडारण गोदाम

यह विस्फोटक भंडारण वर्ष 2013- 14 में स्थापित किया गया था। यहां जिलेटिन की छड़ से बनी मैग्जीन का भंडारण किया जाता है। यह विस्फोटक सामग्री है। देखने में आया है कि यहां सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतज़ाम नही है। इस गोदाम के आसपास ही रहवासी अपने पशुओं को चराने के लिए घुमते रहते है। फैक्ट्री का चौकीदार भी यहां नदारद दिखाई देता है।

बड़ी बात यह है कि गोदाम के मुख्य द्वार पर लगे सुरक्षा बोर्ड पर भी भंडारण के आसपास 500 मीटर तक कोई निर्माण नहीं किये जाने की चेतावनी लगी है। लेकिन यहां तो पूरी कॉलोनी बस गई है। ऐसे में लोगो की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसमें जल संसाधन विभाग के अधिकारी तो कह रहे है कि उन्होंने कुछ हेक्टेयर भूमि को छोड़कर कॉलोनी बसाई है।

मुझे फिलहाल इसकी तो कोई जानकारी नहीं है लेकिन आपने बताया है तो मामले को दिखवाते हैं। हमारी ओर से जांच करवा लेते हैं।- सुशील कुमार सिंह, एसडीएम

Updated on:
18 Sept 2025 02:41 pm
Published on:
18 Sept 2025 02:40 pm