
MP News: पार्वती-रेसई डेम परियोजना के डूब क्षेत्र के विस्थापित परिवारों पर सुरक्षा का खतरा मंडरा रहा है। यहां विस्फोटक भंडारण होने से करीब पांच सौ परिवारों की जान खतरे में है। जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह से अनजान बना हुआ है। नरसिंहगढ़ से आगे भोपाल रोड पर तीज बड़ली के समीप जिस जगह पर यह कॉलोनी बसाई गई है, उससे महज 300-400 मीटर की दूरी पर ही विस्फोटक भंडारण (डिपो) स्थापित है।
इस कारण यहां रहने वाले लगभग 500 परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कॉलोनी की बसाहट के दौरान राजस्व ओर जल संसाधन विभाग के जिम्मेदारों ने भी यहां ध्यान नही दिया। जबकि कॉलोनी की बसाहट के बाद रहवासी नियमानुसार विस्फोटक भंडारण को हटाने की मांग कर रहे हैं।
यह विस्फोटक भंडारण वर्ष 2013- 14 में स्थापित किया गया था। यहां जिलेटिन की छड़ से बनी मैग्जीन का भंडारण किया जाता है। यह विस्फोटक सामग्री है। देखने में आया है कि यहां सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतज़ाम नही है। इस गोदाम के आसपास ही रहवासी अपने पशुओं को चराने के लिए घुमते रहते है। फैक्ट्री का चौकीदार भी यहां नदारद दिखाई देता है।
बड़ी बात यह है कि गोदाम के मुख्य द्वार पर लगे सुरक्षा बोर्ड पर भी भंडारण के आसपास 500 मीटर तक कोई निर्माण नहीं किये जाने की चेतावनी लगी है। लेकिन यहां तो पूरी कॉलोनी बस गई है। ऐसे में लोगो की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसमें जल संसाधन विभाग के अधिकारी तो कह रहे है कि उन्होंने कुछ हेक्टेयर भूमि को छोड़कर कॉलोनी बसाई है।
मुझे फिलहाल इसकी तो कोई जानकारी नहीं है लेकिन आपने बताया है तो मामले को दिखवाते हैं। हमारी ओर से जांच करवा लेते हैं।- सुशील कुमार सिंह, एसडीएम