राजगढ़

भरी दोपहर में छुट्टी, बच्चे हो रहे बीमार

शासन के अप्रैल माह में स्कूल खोलने के इस आदेश का परिजन भी कर रहे विरोध

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Apr 19, 2018
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राजगढ़। परीक्षा होने के साथ ही एक अप्रैल से वापस स्कूलों का संचालन शुरू हो गया और बच्चों ने स्कूल जाना शुरू भी कर दिया। लेकिन नेक उद्देश्य से शुरू की गई यह नई पहल गर्मी के कारण बच्चों के लिए आफत बनने लगी है।

जहां तेजी से बढ़ रहे तापमान और दोपहर एक से दो के बीच होने वाली छुट्टी के बीच कई बच्चे लू के थपेड़े खाते हुए स्कूल से घर पहुंच रहे है। जिसके कारण ऐसे बच्चों को मौसमी बीमारी घेर रही है। लेकिन अभी तक इस भरी गर्मी में स्कूलों का यह सेशन रोका जाए। फिलहाल कोई ऐसा आदेश आते नजर नहीं आ रहा।

जिला ही नहीं पूरे प्रदेश में पहले सीबीएसई के स्कूल अप्रैल माह में लगाए जाते थे। लेकिन इस सत्र से एमपी बोर्ड के स्कूलों को भी एक अप्रैल से लगाया जा रहा है। सुबह सात बजे से यह स्कूल दोपहर एक बजे तक लगाए जा रहे है।

तापमान की यदि बात की जाए तो अब सुबह दस बजे से ही गर्म हवाएं चलने लगी है। जिसके कारण न सिर्फ कक्षाओं में बल्कि स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को शिक्षा के बदले यातनाएं भी झेलनी पड़ रही है।

गरीब और बस का इंतजार करने वाले बच्चे परेशान-

कई बच्चे ऐसे है जो निजी स्कूलों में पढ़ते है और उनको लाने ले जाने के लिए बसें लगी हुई है। लेकिन तेज गर्मी उन्हें भी परेशान कर रही है। वहीं बात यदि ऐसे गरीब बच्चों की कि जाए जो निजी या शासकीय स्कूलों में पढ़ते है उन्हें तो इन गर्म हवाओं के बीच ही पैदल घर तक जाना होता है।

बात यदि नगर की कि जाए तो यहां केन्द्रीय विद्यालय, स्वामी विवेकानंद और कान्वेंट स्कूल में बाहर से भी बच्चे पढऩे आते है और वे खिलचीपुर या ब्यावरा जाने के लिए धूप में ही खड़े होकर बसों का इंतजार करते है। उल्लेखनीय है कि पिछले आठ दिनों में तापमान में तेजी से वृद्धि हुई है जो 40 से लेकर 42 तक बना हुआ है।

इन दिनों गंदे पानी के सेवन से होने वाली बीमारियां तो बच्चों में बढ़ती ही है। साथ ही लू भी बच्चों को जल्दी लगती है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
डॉ.गुंजन त्रिपाठी, शिशु रोग विशेषज्ञ राजगढ़


यह बात सही है कि एक बजे के आसपास गर्मी बहुत तेज होती है और लू का समय भी होता है। यदि कुछ इसमें हो सकता है तो डीईओ, डीपीसी से प्रपोजल लेते है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कुछ टाइमिंग कम की जा सकती है।
प्रवीणसिंह, सीईओ जिला पंचायत राजगढ़

Published on:
19 Apr 2018 05:51 pm