राजगढ़

76 दिन बाद खुलेगा मां जालपा देवी मंदिर का पट, जानिए कैसे दर्शन करने जाना होगा

Lockdown 5.0सैनिटाइजेशन, मास्क व शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय
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Updated: 2 Jun 2020, 11:57 AM IST
76 दिन बाद खुलेगा मां जालपा देवी मंदिर का पट, जानिए कैसे दर्शन करने जाना होगा
76 दिन बाद खुलेगा मां जालपा देवी मंदिर का पट, जानिए कैसे दर्शन करने जाना होगा

राजगढ़. एमपी व राजस्थान के अस्था का प्रमुख केंद्र मां जालपा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना का रास्ता साफ हो गया है। लाॅकडाउन 5.0 में मंदिर/धार्मिक स्थलों को खोले जाने का रास्ता साफ होते ही जालपा देवी मंदिर का भी पट 76 दिन बाद खोले जाने की तैयारियां जोरशोर से चल रही है। हालांकि, शारीरिक दूरी बनाए रखने व समय-समय पर सैनिटाईजेशन की व्यवस्था के नियम का पालन अनिवार्य किया गया है।
राजगढ़ में मां जालपा देवी मंदिर के अनुयायियों की संख्या लाखों में है। एमपी व राजस्थान ही नहीं पूरे देशभर से श्रद्धालु यहां मां का दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में प्रतिदिन दर्शनार्थियों की काफी भीड़ रहती रही है लेकिन कोरोना महामारी की वजह से किए गए लाॅकडाउन में मंदिर का पट भी बंद कर दिया गया है। मंदिर में परंपरागत दुर्गासप्तशती पाठ भी इन दिनों बाधित है।

अब लाॅकडाउन 5.0 में जैसे ही धार्मिक स्थलों को खोलने की सहमति मिल गई है तो मां जालपा देवी मंदिर में भी तैयारियां पूरी श्रद्धा से की जा रही है। 8 जून को मंदिर खोले जाने के पहले पूरे परिसर में साफ-सफाई के साथ साथ सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को जिम्मेदारी दी जा रही है कि शारीरिक दूरी बनवाने में मदद करने के साथ सैनिटाइज कर ही अंदर किसी को प्रवेश दिया जाए।

गर्भगृह में पांच से कम श्रद्धालु एक साथ जा सकेंगे

मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ओमप्रकाश विजयवर्गीय ने बताया कि आठ जून को मंदिर के पट खुलने के पूर्व सारे मंदिर परिसर को विशेष प्रकार से सेनेटाइज करवाया जाएगा। इसके बाद मंदिर में माता की विशेष पूजन, श्रृंगार कर पिछले 35 वर्ष में पहली बार रूका नियमित दुर्गासप्तशति का पाठ फिर से प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि शासन-प्रशासन से मिली गाइडलाइन के अनुसार ही श्रद्धालुओं को मंदिर में गर्भगृह तक दर्शन को ले जाने की व्यवस्था होगी। गर्भगृह में एक बार में पांच या इससे कम श्रद्धालुओं के जाने की अनुमति होगी। वहीं मंदिर में आने वाले सभी श्रृद्धालुओं को सेनेटाइज करने पर विचार किया जा रहा है। मंदिर परिसर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मास्क अनिवार्य रहेगा।

Report by Prakash Vijayvargiya

Updated on:
2 Jun 2020, 11:57 AM IST
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