30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक पहल ने बचा लिया दो परिवारों को, छोटी-छोटी बातों से पड़ गया था बड़ा दरार

टूटते रिश्ते-बिखरते परिवार, एक कोशिश की दरकार पति-पत्नी ने एक दूसरे को खिलाई मिठाई, माला पहनाकर दूर किए गिले शिकवे
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

राजगढ़

•

image

Dheerendra Vikramadittya

•

Updated: 1 Jun 2020, 8:19 PM IST

एक पहल ने बचा लिया दो परिवारों को, छोटी-छोटी बातों से पड़ गया था बड़ा दरार

एक पहल ने बचा लिया दो परिवारों को, छोटी-छोटी बातों से पड़ गया था बड़ा दरार

राजगढ़. बातचीत और पहल की कमी ने तमाम जिंदगियों में जहर घोलने के साथ उसे टूटन के कगार पर पहुंचा दिया है। रिश्तों में आई दरारों को पाटने की एक कोशिश ने सोमवार को दो परिवारों को बचा लिया। समझाईश के बाद राजी-खुशी पति-पत्नी एक दूसरे का साथ फिर देने को तैयार हो गए और मिठाई खिलाकर नई शुरुआत की। सारे पंचों की उपस्थिति में दोनों ने एक दूसरे को फूल-माला पहनाकर परिवार को टूटने से बचा लिया।

Read this also: 110 वर्ष पहले पहले स्थापित बड़े श्रीनाथजी मंदिर का पाटोत्सव क्यों है खास

रविवार को पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र पर पहल कर टूट रहे दो परिवारों में खुशियां लौटायी गई। सारंगपुर के रोहित का खुजनेर के पढ़ाना की रहने वाली अपनी पत्नी रविना मालवीय के साथ काफी दिनों से अनबन चल रहा था। दोनों के रिश्तों में इतनी खटास आ चुकी थी कि दोनों ने अपने अपने परिवारों की सहमति से अलग होने का निर्णय कर लिया था। मामला परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंचा। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य बैठे। दंपत्ति और इनके परिवार के सदस्यों को बुलाया गया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद यह साफ हुआ कि बेहद मामूली बात को लेकर दोनों में मनमुटाव हो गया। फिर दोनों पक्षों को एक करने की पहल की कमी ने अलग-अलग राह पर चलने के अंजाम तक पहुंचा दिया। परामर्श केंद्र के सदस्यों ने दोनों की काउंसलिंग की, समझाया। काफी देर की मेहनत के बाद पति-पत्नी एक बार फिर एक होने को राजी हो गए।

Read this also: किसान रैली में भाषण देकर सुर्खियों में आर्इ थी यह लड़की, अब विद्या बालन के साथ कर रही फिल्म

इसी तरह खिलचीपुर के मेलूखेड़ा की गायत्री का अपने पति कमल निवासी करणपुरा से अनबन थी। दोनों के बीच दूरियां इतनी बढ़ गई कि अलग अलग रहने की सोचने लगे। इनकी भी परिवार परामर्श केंद्र पर काउंसलिंग हुई। बातचीत से हल निकलने के बाद ये परिवार भी एक दूसरे पर भरोसा जताते हुए नई शुरुआत को राजी हो गए।
परामर्श केंद्र के सदस्यों घनश्याम मौर्या, रश्मि तिवारी, मल्लिका खान, सतीश भटनागर, मोहन पिपलोटिया ने दोनों परिवारों को बचाने के लिए पहल कर विशेष योगदान दिया।

Read this also: प्रधान आरक्षक ने महिला के दिव्यांग पति पर तान दी बंदूक, मचाया उत्पात, निलंबित

Report by Prakash Vijayvargiya