MP News: हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद बर्खास्त हेड कॉन्स्टेबल हुआ बहाल, पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराने के साथ फिर की विवादित पोस्ट।
वीरेन्द्र जोशी, ब्यावरा/राजगढ़
MP News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ में थाने के तत्कालीन टीआई वीरेंद्र धाकड़ व तत्कालीन एसपी को धमकी भरे मैसेज भेजने के मामले में बर्खास्त हुए हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद हेड कॉन्स्टेबल ने कोर्ट के ऑर्डर के साथ पुलिस लाइन राजगढ़ में आमद दर्ज करा दी है। आमद दर्ज कराने के साथ ही प्रधान आरक्षक मीणा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बार फिर से विवादित पोस्ट की है।
दिसंबर 2024 में तत्कालीन टीआई वीरेंद्र धाकड़ व तत्कालीन एसपी को धमकी भरे मैसेज भेजने को लेकर विवादों में आए हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद हेड कॉन्स्टेबल ने पुलिस लाइन राजगढ़ में अपनी आमद दर्ज कराई है और एक बार फिर एक विवादित पोस्ट किया है। अपनी पोस्ट में हेड कॉन्स्टेबल ने पहले तो कोर्ट के फैसले का आदेश लिखा है और फिर इसके नीचे एक शेर का मोनो लगाकर लिखा है-टाइगर अभी जिंदा है…। इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
दरअसल शहर थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक देवेंद्र मीणा ने दिसंबर 2024 में शहर थाने के तत्कालीन टीआइ धाकड़ को धमकी भरे मैसेज भेज दिए थे। इसके साथ ही उनका एक धमकी भरा ऑडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा ने 17 पन्नों का एक माफीनामा भी लिखकर दिया था, लेकिन इसके बावजूद हेड कॉन्स्टेबल ने टीआई को धमकी देना जारी रखा।
पूरे विवाद की शुरूआत उस वक्त हुई थी जब हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा का ट्रांसफर शहर थाने से एसडीओपी कार्यालय में किया गया था। ये ट्रांसफर हेड कॉन्स्टेबल को नागवार गुजरा और उन्होंने एसडीओपी कार्यालय में पदभार ही ग्रहण नहीं किया, उलटे टीआई को धमकी भरे मैसेज भेजने लगे। नई नियुक्ति पर हेड कॉन्सटेबल के पदभार ग्रहण नहीं करने पर टीआई वीरेंद्र धाकड़ ने उनकी गैरहाजिरी लगाई थी।
गैरहाजिरी लगाए जाने से विवाद और बढ़ा और हेड कॉन्स्टेबल ने अधिकारियों को धमकी देना शुरू कर दिया था। इस मामले में तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा ने हेड कांस्टेबल मीणा को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई थी। 43 दिन बाद आई जांच रिपोर्ट के आधार पर हेड कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के खिलाफ मीणा ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने बहाली के आदेश दिए हैं।