mp railway news: मध्य प्रदेश में दो घंटे जंगल में खड़े रहने के बाद 5 किमी रिवर्स कर वापस स्टेशन में खड़ी की गई ट्रेन। रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया था खतरा।
mp railway news: मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। प्रशासन के प्रतिबंधित के दावों के बीच जिले में जलाई जा रही नरवाई की आग से सोमवार दोपहर अचानक हड़कंप मचा दिया। दरअसल, पड़ोनिया गांव के पीछे स्थित खेतों की नरवाई जलाने लगाई गई आग फैलकर रेलवे ट्रैक किनारे लगी झाडिय़ों तक आ गई। यह आग मक्सी-रुठियाई रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई जिसके कारण करीब 3 घंटे तक यातायात ठप रहा। दोपहर 12.45 से शाम 3.45 बजे तक ट्रैक बंद रहा। इस कारण तीन प्रमुख पैसेंजर ट्रेनें एक से लेकर तीन घंटे तक खड़ी रही। वहीं, एक ट्रेन को रिवर्स कर उसी स्टेशन पर वापस लाया गया जहां से वह छूटी थी।
चिलचिलाती धूप और गर्मी में यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर में जली तेज हवा के बीच आग की लपटें इतनी तेज थी कि, ट्रेन में आग लगने की आशंका में लोको पायलट को ट्रेन को जंगल में ही रोकना पड़ गया। इसकी सूचना तुरंत ब्यावरा स्टेशन प्रबंधक को दी। वहां से आरपीएफ, जीआरपी फोर्स सहित इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का आंकलन कर यथास्थिति से भोपाल रेल मंडल कंट्रोलर को अवगत कराने सहित मौके पर फायर ब्रिगेड बुलवाई गई। दोपहर 3.45 बजे ट्रैक पर लगी आग बुझी तब कहीं जाकर ट्रैक पर रेल यातायात बहाल हो सका।
घटना के बाद रेल मंडल कंट्रोलर से मिले निर्देश पर ट्रेन को करीब 5 किमी रिवर्स चलाकर लोको पायलट वापस ब्यावरा स्टेशन लेकर आया। शाम पौने चार बजे आग बुझने के बाद ट्रेन ट्रैक बहाल हो सका। इसके बाद ट्रेनों को आगे बढ़ाया जा सका।
ट्रैक पर आग भडक़े से सबसे ज्यादा प्रभावित बीना- नागदा पैसेंजर ट्रेन हुई। उक्त ट्रेन दोपहर 12.38 बजे ब्यावरा स्टेशन से रवाना हुई थी लेकिन ट्रैक पर आगे फैली आग की वजह से इसे वहीं पर करीब 2 घंटे रोकना पड़ा। इसके अलावा गुना की तरफ से अहमदाबाद की ओर जा रही साबरमती एक्सप्रेस डाउन ट्रेन भी दोपहर 01.05 बजे से शाम 4.10 बजे तक ब्यावरा स्टेशन पर खड़ी रही। वहीं नागदा- बीना पैसेंजर ट्रेन को करीब एक घंटे तक पचोर स्टेशन पर रोककर रखना पड़ा।
हादसे के बाद यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच जंगल में ट्रेन खड़ी होने से कई ऐसे यात्री नीचे उतरे जिन्हें नजदीकी स्टेशन तक का सफर करना था। वे सामने से ही निकले हाइवे से गुजर रही बसों के जरिए रवाना होते देखे गए।