
राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट
Rajgarh News :मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला मुख्यालय पर हर मंगलवार को होने वाली जनसुवनाई ठीक उसी तरह से खानापूर्ति साबित हो रही जिस तरह हर शुक्रवार को पूरा अमला गांव-गांव पहुंचकर शिविर लगा रहा है। मंगलवार सुबह से लेकर दोपहर तक लोग लगातार अपनी फरियादें लेकर आते रहे, लेकिन अधिकारियों का तरीका ऐसा था कि, जैसे आवेदन लेना है और लोगों को भगाना है। सुनवाई के लिए एडीएम प्रतापसिंह चौहान, एसडीएम सुशीलकुमार और एडीशनल सीईओ अर्पित गुप्ता बैठे थे। कई शिकायतें लेकर लोग यहां पहुंच रहे थे, लोग आते रहे लेकिन उनका निराकरण सिर्फ कागज देखकर उसे सील लगवाकर लौटा देने तक सीमित नजर आया।
आमतौर पर कलेक्टर भी जनसुनवाई में बैठते हैं, लेकिन इस बार वे भी नीचे नहीं आए तो कई लोग निराश होकर चले गए और कई उनके कैबिन के बाहर पहुंच गए। बाद में भीड़ बढ़ती देख उन्होंने कुछ लोगों को अंदर बुलाया जरूर, लेकिन इस जनसुनवाई में सिर्फ कागजी खानापूर्ति ज्यादा नजर आई। जितने अफसर जनसुनवाई में थे कोई खड़ा था, किसी को आवेदकों को भगाने की जल्दी थी। यानी कुल मिलाकर किसी का भी मन जनसुनवाई में नहीं लग रहा था। उद्यानिकी के उप-संचालक को एडीएम ने बुलाया, लेकिन वे समय से पहले चले गए। ऐसे अन्य कई अधिकारी थे जो सिर्फ खानापूर्ति करते नजर आ रहे थे।
केस -1 : घर कच्चा, पांव से दिव्यांग, आज तक नहीं दिया आवास
जीरापुर जनपद के अरन्या गांव से बापू पिता नाथु पुरी पहुंचे उन्होंने कहा कि सरपंच-सचिव कोई सुनवाई नहीं करते। न राशन पर्ची है न ही आवास स्वीकृत हुआ। कच्चा मकान है, जिसमें रहने को दोनों पति-पत्नी मजबूर हैं। कई बार जनसुनवाई में गुहार लगाई लेकिन निराकरण नहीं हुआ।
केस -2 : सरपंच की शिकायत करने महीनों से आ रही, सिर्फ कागज मिल रहे
गुड्ड़ीबाई पति मूलचंद्र अपने पति के बीमार हो जाने के कारण शिकायत करने जनसुनवाई में पहुंची। उनका कहना है कि अमरगढ़ (ब्यावरा) के सरपंच ने कुएं के नाम पर 16 हजार रुपए ऐंठ लिए, तीन साल पहले भी 10 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन कुआं मिला न राशि। यहां कई माह से आ रही लेकिन यहां हस्ताक्षर किया हुआ कागज बस मिलता है।
जनसुनवाई में सरकारी प्रेस नोट जारी किया गया। जिसमें दावा किया गया कि 98 आवेदन शिकायतें आई हैं। ग्राम बसखो निवासी कंवरलाल ने शिकायत की कि गांव में आमजन के आने-जाने के लिए बने रास्ते पर एक व्यक्ति ने नाली बना दी है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने सीईओ जनपद राजगढ़ को कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐसी ही अन्य शिकायतें भी उन्हें मिलीं, जिनमें हर बार की तरह कागजी दिशा-निर्देश निराकरण के दिए गए। हालांकि इन समस्याओं का निराकरण निर्देशों तक ही सीमित रहा।